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केंद्रीय टीम आज लेगी जिले में सूखे का जायजा

Sun, 14 Sep 2014 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल Updated Sun, 14 Sep 2014 12:11 AM IST
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कैथल। सूखे की स्थिति का आंकलन करने के लिए छह सदस्यीय अंतर मंत्रालय केंद्रीय दल रविवार को कलायत, राजौंद व गुहला-चीका के गांवों का दौरा करेगा। यह टीम हरियाणा बीज विकास निगम के प्रबंध निदेशक बीएस दुग्गल की अगुवाई में नरवाना से कलायत पहुंचेगी।
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इस टीम में दिल्ली फसल विभाग के अतिरिक्त आयुक्त डा. डीपी मलिक, दिल्ली कृषि विभाग के वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी डा. रामानंद, दिल्ली बिजली मंत्रालय से वरिष्ठ केंद्रीय इलेक्ट्रिकल अधिकारी एके राजपूत, दिल्ली के वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी आरबी कौल तथा नोएडा के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली विभाग केे अवर सचिव अजीत हल्दर शामिल हैं। दल रविवार सुबह नौ बजे तक कलायत खंड मुख्यालय पर पहुंचेगा, जहां जिला प्रशासन के अधिकारी व संबंधित विभागों के अधिकारी उनकी अगुवाई करेंगे।
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इन गांवों में सूखे का जायजा लेगी टीम
एडीसी अरविंद मल्हान ने डीसी आवास कार्यालय में आयोजित अधिकारियों की बैठक में दी। उन्होंने बताया कि कलायत पहुंचने के बाद केंद्रीय दल कलायत के गांव पिंजुपूरा, बात्ता व कलायत गांव में सूखे की स्थिति का जायजा लेगा तथा इसकेे बाद राजौंद क्षेत्र के रोहेड़ा माजरा व इसके  बाद गुहला-चीका के बौपुर व कसौली गांव में सूखा ग्रस्त इलाकों का आंकलन करने के बाद यह दल पिहोवा की तरफ रवाना होगा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी तथा गांव के सरपंच, पंच, पटवारी व नंबरदार मौके पर स्थिति से अवगत करवाने के लिए वहां मौजूद रहेंगे।
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इस बार कम हुई है बारिश
पिछली बार से इस बार तुलनात्मक रूप से बारिश काफी कम आंकी गई है। उन्होंने आंकड़े बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष जून, जुलाई व अगस्त में 868 एमएम बरसात इस जिलेे में हुई थी, जबकि इस वर्ष 2014 में जून, जुलाई, अगस्त महीने में कुल 240 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। यह आंकड़ा पिछले तीन वर्षों में भी सबसे कम रहा है।


सन 2012 में जिले में औसतन 118 एमएम, वर्ष 2013 में 289 एमएम तथा वर्ष 2014 में केवल औसतन 80 एमएम बारिश रिकार्ड की गई, जोकि सबसे कम है। उन्होंने कहा कि स्पेशल गिरदावरी के आदेश भी मिले हैं, जबकि इस वर्ष कम बारिश होने से मत्स्य उत्पादन भी पहले की अपेक्षा बहुत कम हुआ है, जबकि जिला बागवानी विभाग भी इस बार सब्जियों का पिछले वर्ष की तुलना में कम उत्पादन रिपोर्ट कर रहा है।
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