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Chandigarh News: ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर पर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगा केंद्र

Wed, 12 Aug 2026 02:12 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 02:12 AM IST
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Centre to move Supreme Court against High Court verdict on Tribune Chowk flyover.
चंडीगढ़। ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर परियोजना को रद्द करने के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अब केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने हाईकोर्ट के 29 मई 2026 के आदेश को चुनौती देने के लिए विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंत्रालय के निर्देश पर यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने 7 अगस्त को एसएलपी का ड्राफ्ट भेज दिया है। अब केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किए जाने की तैयारी है।
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मंत्रालय ने सबसे पहले 8 जून को यूटी प्रशासन से एसएलपी का ड्राफ्ट मांगा था। इसके बाद 15 जुलाई को रिमाइंडर भेजकर इसे प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने को कहा गया। प्रशासन की ओर से भेजा गया ड्राफ्ट उसी कानूनी टीम ने तैयार और जांचा है, जिसने हाईकोर्ट में फ्लाईओवर परियोजना के पक्ष में पैरवी की थी।
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रोज गुजरते हैं 1.5 लाख वाहन, प्रशासन ने बताया जरूरी
यूटी प्रशासन का तर्क है कि ट्रिब्यून चौक ट्राइसिटी के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल है। यहां से रोजाना करीब 1.5 लाख वाहन गुजरते हैं। प्रशासन के अनुसार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए फ्लाईओवर परियोजना जरूरी है। पंजाब के राज्यपाल व यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी कई मौकों पर परियोजना की जरूरत पर जोर दे चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा। अब हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का रुख इस परियोजना के भविष्य के लिए अहम होगा।
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मास्टर प्लान-2031 का हवाला देकर हाईकोर्ट ने रोका था फ्लाईओवर
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 29 मई 2026 को रिट ऑफ प्रोहिबिशन जारी कर चंडीगढ़ प्रशासन को ट्रिब्यून चौक पर फ्लाईओवर बनाने से रोक दिया था। अदालत ने माना था कि प्रस्तावित फ्लाईओवर चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 के प्रावधानों के विपरीत है। मास्टर प्लान में विरासत संबंधी कारणों से शहर में ओवरब्रिज और फ्लाईओवर के निर्माण पर रोक का प्रावधान है। हालांकि, हाईकोर्ट ने परियोजना के अंडरपास वाले हिस्से के निर्माण की अनुमति दी थी। अदालत ने चौराहे और आसपास के क्षेत्र में आम के पेड़ों समेत किसी भी पेड़ को काटने पर भी रोक लगाई थी।
अर्बन प्लानिंग विभाग से नहीं लिया था परामर्श
हाईकोर्ट के फैसले में यह भी उल्लेख किया गया था कि यूटी इंजीनियरिंग विभाग ने परियोजना पर आगे बढ़ने से पहले अर्बन प्लानिंग विभाग से परामर्श नहीं किया था। अर्बन प्लानिंग विभाग ने दिसंबर 2020 में स्पष्ट किया था कि मास्टर प्लान-2031 के तहत पूरे शहर में फ्लाईओवर के निर्माण पर रोक है।

214.66 करोड़ अनुमानित लागत, 147.98 करोड़ में दिया था ठेका
ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर परियोजना का ठेका चंडीगढ़ की सिंगला कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड को 12 मई को 147.98 करोड़ रुपये की बोली पर दिया गया था। परियोजना की अनुमानित लागत 214.66 करोड़ रुपये थी। केंद्र सरकार ने परियोजना को औपचारिक मंजूरी दी थी और इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार को वहन करना था। अब केंद्र की एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही तय करेगा कि ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर परियोजना दोबारा आगे बढ़ेगी या हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रहेगा।
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