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Hindi News ›   Chandigarh ›   Centre steps in to resolve Punjab-Haryana SYL canal dispute

अब पीएम मोदी सुलझाएंगे SYL विवाद, बुलाई पंजाब-हरियाणा की बैठक

Tue, 11 Apr 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 11 Apr 2017 09:15 AM IST
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Centre steps in to resolve Punjab-Haryana SYL canal dispute
अब पीएम मोदी सुलझाएंगे SYL विवाद - फोटो : File Photo
सतलुज-यमुना लिंक नहर को लेकर वर्षों से पंजाब और हरियाणा के बीच चले आ रहे विवाद को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुलझाएंगे। पीएम ने 20 अप्रैल को इस संबंध में पंजाब और हरियाणा की बैठक बुलाई है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस पहल का स्वागत किया है।
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एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस की सुनवाई 12 अप्रैल को है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि सुनवाई को आगे बढ़ा दिया जाए, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने विवाद सुलझाने को 20 अप्रैल को पंजाब व हरियाणा की बैठक बुलाई है।
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पंजाब ने भी शीर्ष अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि सूबे में नई सरकार ने अभी कार्यभार संभाला ही है। नई सरकार इस मामले में नए निर्देश जारी करेगी। अदालत ने अपील का नोटिस लेते हुए वकील को 12 अप्रैल को दोपहर दो बजे तक नए सिरे से अपील दाखिल करने को कहा है। 
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एसवाईएल पंजाब को उसके पानी से वंचित कर देगी : कैप्टन

Centre steps in to resolve Punjab-Haryana SYL canal dispute
सतलुज यमुना लिंक नहर - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब सरकार की ओर से एडवोकेट राम जेठमलानी, एडवोकेट जनरल अतुल नंदा, आरएस सूरी और भारत सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी पेश हुए। 

एसवाईएल पंजाब को उसके पानी से वंचित कर देगी : कैप्टन

कैप्टन ने एक बयान में कहा कि वह पंजाब के हित में इस मसले का हल ढूंढने को हमेशा से केंद्र के दखल की मांग करते रहे हैं। एसवाईएल का निर्माण पंजाब को उसके पानी से वंचित कर देगा। उनकी सरकार हर कीमत पर पानी की रक्षा को वचनबद्ध है।

कांग्रेस ने मेनिफेस्टो में कहा था कि एसवाईएल समेत ऐसी किसी भी नहर के निर्माण की इजाजत नहीं दी जाएगी। पंजाब केपास दूसरे राज्यों के साथ बांटने केलिए पानी नहीं है, ऐसे में पानी को बाहर जाने देने का प्रश्न ही नहीं पैदा होता। एसवाईएल पर अंतिम फैसला लेने से पहले नदियों के पानी के नए सिरे से आकलन की जरूरत है।
 
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