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Punjab: आईपीएस वीके भावरा की डेपुटेशन मंजूर, गौरव यादव का रास्ता साफ, पंजाब सरकार लेगी राहत की सांस
Thu, 15 Sep 2022 10:22 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 15 Sep 2022 10:22 PM IST
सार
आईपीएस वीके भावरा की डेपुटेशन को मंजूरी मिलते ही राज्य सरकार ने भी राहत की सांस ली है। अब राज्य सरकार डीजीपी की नियुक्ति के लिए विधिवत तौर पर अफसरों का पैनल यूपीएससी को भेजेगी। इसके तहत गौरव यादव को प्रदेश का नया डीजीपी बनाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
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आईपीएल वीके भावरा।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब के पूर्व डीजीपी और इस समय पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का चेयरमैन पद संभाल रहे आईपीएस अधिकारी वीके भावरा को केंद्र सरकार ने डेपुटेशन पर बुलाने का फैसला ले लिया है। पंजाब के डीजीपी पद पर रहते हुए बीते दो महीनों की छुट्टी के दौरान भावरा ने केंद्र सरकार में डेपुटेशन पर जाने की इच्छा जताई थी और इस संबंध में केंद्र को आवेदन भी किया था।
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दो माह में केंद्र द्वारा कोई फैसला नहीं लिए जाने के कारण भावरा बीते सप्ताह छुट्टी खत्म होते ही ड्यूटी पर लौट आए थे और राज्य सरकार ने उन्हें डीजीपी पद न सौंपते हुए पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का जिम्मा सौंप दिया था। जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने उनकी डेपुटेशन को स्वीकार कर लिया है। इस बाबत औपचारिक पत्र मिलते ही भावरा राज्य सरकार की अनुमति के साथ केंद्र सरकार की सेवा में चले जाएंगे।
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इधर, भावरा के केंद्र में जाने के बाद राज्य सरकार के लिए डीजीपी पद के लिए अफसरों का नया पैनल भेजने का रास्ता भी साफ हो जाएगा, क्योंकि डीजीपी पद पर भावरा की नियुक्ति यूपीएससी के नियमों के तहत दो साल के लिए हुई थी और राज्य सरकार उन्हें इस पद से हटा नहीं सकती थी।
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बावजूद इसके राज्य सरकार ने उनके छुट्टी पर जाते ही आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को कार्यकारी डीजीपी नियुक्त कर दिया और भावरा को छुट्टी से लौटने के बाद भी डीजीपी का पद नहीं सौंपा। हालांकि यह आशंका जताई जा रही थी कि भावरा राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दे सकते हैं लेकिन उनकी डेपुटेशन को मंजूरी मिलते ही राज्य सरकार ने भी राहत की सांस ली है। अब राज्य सरकार डीजीपी की नियुक्ति के लिए विधिवत तौर पर अफसरों का पैनल यूपीएससी को भेजेगी। इसके तहत गौरव यादव को प्रदेश का नया डीजीपी बनाने का रास्ता साफ हो जाएगा।