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केंद्रीय ग्रांट का एक रुपये खर्च नहीं, शहरवासियों से वसूली

Thu, 21 Jan 2016 03:22 PM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 21 Jan 2016 03:22 PM IST
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central grant not spent and recovery from Residents

केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक करोड़ 70 लाख रुपये की ग्रांट शहर के लिए मंजूर की गई है, लेकिन अभी तक प्रशासन और नगर निगम इससे एक रुपया भी खर्च नहीं किया है, जबकि शहरवासियों से  स्वच्छता सेस की वसूली शुरू हो गई है।

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अभी तक प्रशासन लाखों रुपये सेस के तौर पर वसूल भी कर चुका है। केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर के लिए यह ग्रांट पिछले साल 26 अक्तबर को मंजूर की गई थी। मालूम हो कि पिछले साल स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई में शहर 21 वें स्थान पर था।
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25 जनवरी को शहर को मिलनी है नई रैंकिंग
स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक बार फिर से शहर का सर्वे हो रहा है जिसके बाद नए सिरे से सिटी को रैंकिंग दी जाएगी और इसमे शहरवासियों की भागीदारी को भी शामिल किया गया है। 25 जनवरी को केंद्र सरकार की ओर से शहर की नई रैंकिंग की घोषणा की जाएगी।
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18 लाख रुपये मंजूरी का आया पत्र
प्रशासन की ओर से नगर निगम को 18 लाख रुपये की मंजूरी का पत्र हाल ही में आया है लेकिन अभी तक यह ग्रांट भी नगर निगम में पहुंची नहीं है। यह ग्रांट भी स्वच्छ भारत मिशन के प्रचार और प्रसार के लिए है।

अधिकारियों को नहीं थी जानकारी
नगर निगम के अधिकारियों को केंद्र सरकार की ओर से पास की गई इस ग्रांट की कुल राशि की जानकारी नहीं थी। मेयर अरुण सूद ने अपने स्तर पर इंटरनेट पर स्टडी करके अधिकारियों को बुधवार को इसकी जानकारी दी।

जिसके बाद अधिकारी हरकत में आए। मेयर ने ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता को इस ग्रांट को जल्द से जल्द प्रशासन से मंगवाने के निर्देश दिए हैं अगर यह ग्रांट 31 मार्च तक नहीं खर्च की जाती तो यह ग्रांट वापस चली जाएगी।

घरों में टायलेट बनाने के लिए भी राशि

एक करोड़ 70 लाख रुपये की राशि में से अकेले 18 लाख रुपये लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करने के लिए है जबकि 98 लाख रुपये की राशि सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए तय किया गया है। जबकि 50 लाख रुपये की राशि उन लोगों के लिए है जिनके घर में टायलेट नहीं है। इसमे कम्युनिटी टायलेट का निर्माण भी शामिल है।

3694 लोग खुले में कर रहे है शौच
नगर निगम ने हाल ही एक सर्वे किया है जिसके अनुसार इस समय शहर में 3694 लोग खुले में शौच जा रहे हैं। जिनमें से 2159 पुरुष और 861 महिलाएं हैं। इनमें 674 बच्चे हैं। जो सर्वे किया है उनमें कॉलोनी और गांव के साथ सेक्टरों के लोग भी शामिल है, जिनके घर पर टायलेट हैं। लेकिन वह आदत के कारण ओपन में शौच करते है।

कांग्रेस की विफलता
भाजपा पार्षद सतीश कैंथ का कहना है कि जो अभी तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत पास हुई ग्रांट नगर निगम नहीं खर्च पाया है यह कांग्रेस की विफलता है क्योंकि 7 जनवरी तक कांग्रेस का ही मेयर था। कांग्रेस मेयर के समय प्रशासन से ग्रांट नहीं आई। कैंथ का कहना है कि अब ग्रांट का पता लगा है तो भाजपा के कार्यकाल में इस ग्रांट का लाकर पूरा खर्च किया जाएगा।


अरुण सूद, मेयर ने कहा कि एक करोड़ 70 लाख रुपये क ग्रांट स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को मिली है लेकिन अभी तक एक रुपया भी खर्चा नहीं हुआ है। यह राशि वापस न जाए इसके लिए अधिकारियों को प्लान बनाने क निर्देश दिया है। कालोनी और गांवों में जिन घरों में टायलेट नहीं हैं उनको यह राशि जारी की जा सकती है। यह ग्रांट पहली किस्त है खर्च होने के बाद अगली किस्त भी ली जाएगी।

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