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कृषि अध्यादेश की जानकारी के साथ बिना मंजूरी छाप दी तस्वीर, किसान बोला- मैं तो इसका विरोधी हूं
Mon, 10 Aug 2020 10:03 AM IST
खुशबू गोयल
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 10 Aug 2020 10:03 AM IST
सार
- किसान बोला- बिना मेरी मंजूरी के क्यों छापी खेती बिल पर फोटो
- फरीदकोट के किसान ने बिल की कॉपी पर अपनी फोटो छापने पर जताया एतराज
- पंजाब, हरियाणा के किसान इस बिल का कर रहे विरोध, इस पर लगी फोटो हटाई जाए
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कृषि अध्यादेश पर छापी किसान की फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्र सरकार ने अनाज के मंडीकरण, भंडारण, एमएसपी को लेकर जारी खेती संशोधन बिल पर किसान की फोटो बिना मंजूरी के प्रकाशित कर दी। फोटो प्रकाशित किए जाने पर किसान गुरप्रीत सिंह चंदबाजा ने एतराज जताया है। उन्होंने केंद्रीय खेतीबाड़ी मंत्रालय से इस फोटो को हटाने की मांग की है।
किसान गुरप्रीत सिंह चंदबाजा ने कहा कि 2018 में उन्होंने अपने खेत में पराली को आग लगाए बिना ही हैपी सीडर के माध्यम से गेहूं की बिजाई की थी, जिसके चलते उस समय के डिप्टी कमिश्नर फरीदकोट राजीव पराशर समेत खेतीबाड़ी विभाग के आत्मा प्रोजेक्ट की टीम ने पहुंच कर उनके खेत का जायजा लिया था और उन्हें प्रशंसा पत्र भी दिया था।
अब केंद्र सरकार ने उस समय खेत में जायजा लेते हुए अधिकारियों के साथ उनकी फोटो को अपने खेती संशोधन बिल पर प्रकाशित किया है। उन्होंने कहा कि बिना उनकी इजाजत के केंद्र सरकार ने बिल की कॉपी पर फोटो कैसे छाप दी। केंद्र सरकार के इस खेती बिल का पंजाब व हरियाणा के किसान समेत मजदूर व आढ़ती लगातार विरोध कर रहे हैं। इसलिए इस बिल की कापी पर उनकी अपनी फोटो लगाने पर उन्हें सख्त एतराज है।
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किसान गुरप्रीत सिंह चंदबाजा ने कहा कि 2018 में उन्होंने अपने खेत में पराली को आग लगाए बिना ही हैपी सीडर के माध्यम से गेहूं की बिजाई की थी, जिसके चलते उस समय के डिप्टी कमिश्नर फरीदकोट राजीव पराशर समेत खेतीबाड़ी विभाग के आत्मा प्रोजेक्ट की टीम ने पहुंच कर उनके खेत का जायजा लिया था और उन्हें प्रशंसा पत्र भी दिया था।
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अब केंद्र सरकार ने उस समय खेत में जायजा लेते हुए अधिकारियों के साथ उनकी फोटो को अपने खेती संशोधन बिल पर प्रकाशित किया है। उन्होंने कहा कि बिना उनकी इजाजत के केंद्र सरकार ने बिल की कॉपी पर फोटो कैसे छाप दी। केंद्र सरकार के इस खेती बिल का पंजाब व हरियाणा के किसान समेत मजदूर व आढ़ती लगातार विरोध कर रहे हैं। इसलिए इस बिल की कापी पर उनकी अपनी फोटो लगाने पर उन्हें सख्त एतराज है।
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