फसल खरीद : केंद्र सरकार की पंजाब को दो टूक- सीधे किसानों के खातों में ही होगा एमएसपी का भुगतान
- केंद्र सरकार ने कहा डीबीटी से भुगतान नहीं हुआ तो खरीद कर दी जाएगी बंद
- पंजाब सरकार से खुश नहीं आढ़ती, 130 करोड़ का पिछला भुगतान है बकाया
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डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का भुगतान करने पर केंद्र और पंजाब सरकार में ठन गई है। केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी है कि वह एमएसपी का पैसा सीधे किसानों के खाते में भेजे, यदि सरकार किसानों के खाते में सीधे पैसा नहीं भेजती है तो राज्य में खाद्यान्न की खरीद बंद कर दी जाएगी।
पंजाब सरकार अभी तक जोर दे रही थी कि एमएसपी का भुगतान आढ़तियों के जरिए ही किया जाए। राज्य के आढ़ती भी इस मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए थे लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आश्वासन के बाद आढ़तियों ने हड़ताल समाप्त कर दी थी। इसके बाद राज्य में गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है।
पंजाब सरकार ने केंद्र में भी दलील दी थी कि किसानों और सरकार के बीच आढ़ती महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता लेकिन पंजाब सरकार की किसी भी दलील को सुनने से केंद्र ने साफ इनकार कर दिया था। देश में सिर्फ पंजाब राज्य में ही किसानों का भुगतान आढ़तियों के जरिए किया जा रहा है।
विभाग से जुड़े कुछ सूत्रों ने जानकारी दी कि केंद्र ने पंजाब सरकार को यह भी बताया है कि खाद्यान्न की खरीद किसानों और केंद्र सरकार के बीच की व्यवस्था है, जिसमें पंजाब सरकार सिर्फ एक एजेंसी के रूप में कार्य करती है। इस वजह से किसानों और केंद्र सरकार के बीच अभी तक चल रहे खाद्यान्न खरीद के कार्य को पंजाब में भी सामान्य किया जाए।
सरकार से खुश नहीं हैं आढ़ती
कुछ आढ़ती नेताओं ने बताया कि वे पंजाब सरकार से खुश नहीं हैं। सरकार की ओर से अभी तक पिछला भुगतान लगभग 130 करोड़ रुपये आढ़तियों को नहीं दिया गया है। आढ़तियों ने भी हाल ही में अपनी हड़ताल को समाप्त करने का इस बात पर फैसला किया था कि जल्द ही उनका रुका हुआ भुगतान जारी कर दिया जाएगा।
क्यों जरूरी हैं आढ़ती
पंजाब में करीब 4700 आढ़ती कार्य कर रहे हैं। यह आढ़ती एपीएमसी एक्ट के जरिए खाद्यान्न के रखरखाव के लिए 2.5 प्रतिशत कमीशन लेते हैं। यदि आढ़ती बीच से हट जाएगा तो सवाल यह भी बनेगा कि किसानों के आने वाले गेहूं को सुखाने, साफ-सफाई और भराई का कार्य कौन करेगा।
केंद्र ने दी सिर्फ एक छूट
डीबीटी मुद्दे को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को सिर्फ एक अहम छूट दी है। इस छूट के जरिए नेशनल-ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के तहत अगले छह महीने के लिए जमीन के दस्तावेजों को अपडेट नहीं किया जाएगा।