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Punjab: केंद्रीय खनन मंत्रालय ने खरीदे थे पीएफसी के 2.20 करोड़ के बांड, अब केंद्र ने ब्याज समेत वापस मांगे

Fri, 07 Oct 2022 04:20 PM IST
निवेदिता वर्मा हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 07 Oct 2022 04:20 PM IST
सार

पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ को मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मंत्रालय की खनन एजेंसी ने पंजाब वित्त कारपोरेशन के 2.20 करोड़ रुपये के बांड खरीदे थे। यह पैसा खनन एजेंसी के कर्मचारियों के प्राविडेंट फंड ट्रस्ट से संबंधित है।

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Central Government has demanded Rs.4 crore 42 lakh from Punjab Government
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार से अपने चार करोड़ 42 लाख रुपये का तकाजा किया है। इस मामले में कुछ सख्ती दिखाते हुए केंद्र ने पंजाब सरकार से यह भी कह दिया है कि या तो पैसा अदा करें या इस मामले के निपटारे के लिए बनाई गई कमेटी के समक्ष पेश हों।

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जानकारी के अनुसार केंद्रीय खनन मंत्रालय ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि मंत्रालय की एजेंसी ने पंजाब वित्त कारपोरेशन में 2.20 करोड़ रुपये का निवेश किया था। लेकिन अब पंजाब वित्त कारपोरेशन (पीएफसी) न तो 2.20 करोड़ रुपये की राशि लौटा रहा है और न ही उस पर बने ब्याज के 22200734 रुपये ही अदा कर रहा है।
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पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ को मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मंत्रालय की खनन एजेंसी ने पंजाब वित्त कारपोरेशन के 2.20 करोड़ रुपये के बांड खरीदे थे। यह पैसा खनन एजेंसी के कर्मचारियों के प्राविडेंट फंड ट्रस्ट से संबंधित है। पत्र में आगे कहा गया है कि उस समय पंजाब सरकार ने गारंटी दी थी कि पंजाब वित्त कारपोरेशन द्वारा बिना शर्त मूल और ब्याज अदा किया जाएगा। इसके बावजूद केंद्रीय खनन एजेंसी द्वारा कई पत्र लिखे जाने के बाद भी पंजाब वित्त कारपोरेशन ने कुल 44200734 रुपये की अदायगी नहीं की। 
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केंद्रीय खनन मंत्रालय ने इसके साथ ही मुख्य सचिव को एक कमेटी का गठन करने को भी कहा है, जो ऐसे मामलों के निपटारे के लिए बनाए एजेंसी एएमआरसीडी (सीपीएसई के विवादों के समाधान के लिए प्रशासनिक तंत्र) के समक्ष पेश हो सके। गौरतलब है कि एएसआरसीडी का गठन भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय की ओर से सीपीएसई (सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेस) और सरकारी विभागों व संगठनों के बीच व्यापारिक विवाद निपटाने के लिए गया है।

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