{"_id":"60bbe76d8ebc3e8168091b66","slug":"center-to-be-built-in-raipur-kalan-for-road-qualification-certificate-of-commercial-vehicles-chandigarh-news-pkl4157337195","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यावसायिक वाहनों के सड़क योग्यता प्रमाण पत्र के लिए रायपुरकलां में बनेगा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यावसायिक वाहनों के सड़क योग्यता प्रमाण पत्र के लिए रायपुरकलां में बनेगा केंद्र
विज्ञापन
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने रायपुरकलां में स्वचालित निरीक्षण और प्रमाणन केंद्र के निर्माण के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके तहत प्रशासन ने गांव में भूमि के सरहदबंदी का काम शुरूकर दिया है। इस केंद्र का उपयोग शहर में पंजीकृत होने वाले व्यावसायिक वाहनों को सड़क योग्यता प्रमाण पत्र देने के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा ये चालक प्रशिक्षण के लिए भी रीजनल हब बनेगा। ये सेंटर सेंसर बेस्ड बनाया जाएगा, जिसमें एक मशीन स्थापित की जाएगी। मशीन की तरफ से ही वाहनों की जांच की जाएगी कि ये सड़कों पर चलने योग्य हैं या नहीं। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के इस नए केंद्र पर वार्षिक प्रमाणपत्र के लिए सभी व्यावसायिक वाहन, टैक्सी, पब्लिक और स्कूल बसों को जांच के लिए आना होगा। सड़क प्रमाण पत्र जारी करने से पहले केंद्र में मोटर व्हीकल एक्ट के अंदर तय 24 पैरामीटर्स पर कर्मिशयल वाहनों की जांच की जाएगी, जिन पर वाहनों को खरा उतरना होगा। इन पैरामीटर्स में वाहनों के सभी पार्ट्स, ब्रेक, स्टीयरिंग, सस्पेंशन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, टायर्स और वाहनों की जनरल कंडीशन जांची जाएगी। अगर इन सभी टेस्ट को वाहन पास नहीं कर पाएंगे तो उन्हें सड़क पर चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों का दावा. नई व्यवस्था से आएगी पारदर्शिता
प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार इस नई व्यवस्था से जहां लोगों के काम भी जल्दी होंगे, वहीं इससे पारदर्शिता भी आएगी। जांच के दौरान वाहन का मालिक सीसीटीवी पर पूरी प्रक्रिया को देख सकेगा और वाहन के पास अधिकारियों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति को मौजूद होने की इजाजत नहीं होगी। सड़क योग्यता प्रमाण पत्र यात्रियों और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। इससे उन वाहनों को भी सड़कों पर चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी जो अधिक प्रदूषण कर रहे हैं। इससे शहर में वाहनों से प्रदूषण भी कम होगा। इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस काम के लिए उन्होंने भूमि के सरहदबंदी का काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा ये चालक प्रशिक्षण के लिए भी रीजनल हब बनेगा। ये सेंटर सेंसर बेस्ड बनाया जाएगा, जिसमें एक मशीन स्थापित की जाएगी। मशीन की तरफ से ही वाहनों की जांच की जाएगी कि ये सड़कों पर चलने योग्य हैं या नहीं। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के इस नए केंद्र पर वार्षिक प्रमाणपत्र के लिए सभी व्यावसायिक वाहन, टैक्सी, पब्लिक और स्कूल बसों को जांच के लिए आना होगा। सड़क प्रमाण पत्र जारी करने से पहले केंद्र में मोटर व्हीकल एक्ट के अंदर तय 24 पैरामीटर्स पर कर्मिशयल वाहनों की जांच की जाएगी, जिन पर वाहनों को खरा उतरना होगा। इन पैरामीटर्स में वाहनों के सभी पार्ट्स, ब्रेक, स्टीयरिंग, सस्पेंशन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, टायर्स और वाहनों की जनरल कंडीशन जांची जाएगी। अगर इन सभी टेस्ट को वाहन पास नहीं कर पाएंगे तो उन्हें सड़क पर चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
अधिकारियों का दावा. नई व्यवस्था से आएगी पारदर्शिता
प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार इस नई व्यवस्था से जहां लोगों के काम भी जल्दी होंगे, वहीं इससे पारदर्शिता भी आएगी। जांच के दौरान वाहन का मालिक सीसीटीवी पर पूरी प्रक्रिया को देख सकेगा और वाहन के पास अधिकारियों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति को मौजूद होने की इजाजत नहीं होगी। सड़क योग्यता प्रमाण पत्र यात्रियों और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। इससे उन वाहनों को भी सड़कों पर चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी जो अधिक प्रदूषण कर रहे हैं। इससे शहर में वाहनों से प्रदूषण भी कम होगा। इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस काम के लिए उन्होंने भूमि के सरहदबंदी का काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन