बुरी खबरः चंडीगढ़ की उम्मीदों पर फिरा पानी, केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक बसें देने से किया इनकार
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चंडीगढ़ में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें चलाने का ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट का सपना जल्द पूरा होता नहीं दिख रहा। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को केंद्र सरकार ने 20 इलेक्ट्रिक बसें फिलहाल देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद विभाग ने अब 10 ही इलेक्ट्रिक बसें मंगवाए जाने के लिए यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को लिखा है। इस बार उम्मीद है कि प्रशासक केंद्र सरकार से बसें भेजने की सिफारिश करेंगे, तो नए साल में सिटी को इलेक्ट्रिक बसें मिल जाएंगी।
शहर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण का स्तर घटाने के लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने केंद्र सरकार से छह माह पूर्व ही 20 इलेक्ट्रिक बसें भेजने की सिफारिश की थी। विभाग की इस कोशिश को तब जोरदार झटका लगा, जब केंद्र सरकार की ओर से अभी इलेक्ट्रिक बसें नहीं देने का जवाब आया।
दूसरे राज्य में भेज दी गईं यूटी की बसें
जो बसें चंडीगढ़ को मिलनी थीं, वह किसी और राज्य को यूटी के कोटे में दे दी गई हैं। इससे यूटी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की बेहतरीन ट्रांसपोर्ट मुहिम को झटका लगा है। अब ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी मामले को दोबारा यूटी के प्रशासक के दरबार में ले गए हैं।
ताकि जल्द मिल सकें इलेक्ट्रिक बसें
विभागीय अधिकारियों की मानें तो प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से सिफारिश की है कि वह केंद्र सरकार को 20 इलेक्ट्रिक बसें भेजने की सिफारिश करें। यदि इतनी बसें अभी नहीं उपलब्ध हो पा रही हैं तो कम से कम 10 बसें जरूर दिला दी जाएं। बताया जाता है कि प्रशासक इस मसले पर दोबारा केंद्र सरकार से बात कर रहे हैं ताकि जल्द यूटी को यह बसें मिल सकें।
फ्रीक्वेंसी बढ़ाने पर दिया जा रहा जोर
यूटी ट्रांसपोर्ट विभाग इस समय ग्रिड सिस्टम के तहत काम कर रहा है। यही वजह है कि बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने पर विशेष तौर पर काम किया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के सचिव अजय कुमार सिंगला का कहना है कि केंद्र से इलेक्ट्रिक बसें मांगी गई थीं, लेकिन फिलहाल किसी कारण वश बसें नहीं मिल पा रहीं।