दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस-वे से जुड़ेंगे सिख गुरुओं के बसाए पांच कस्बे, केंद्र ने कैप्टन का प्रस्ताव माना
- केंद्र ने दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस-वे के बारे में कैप्टन का प्रस्ताव माना
- एक्सप्रेस-वे के पंजाब खंड को ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में बदलने की मंजूरी
- नकोदर, सुलतानपुर लोधी, गोइंदवाल, खडूर साहिब व तरनतारन जुड़ेंगे
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पंजाब सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस-वे के पंजाब के बीच वाले हिस्से को नकोदर से जोड़ते हुए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में बदलने की सहमति दे दी है। यह एक्सप्रेस-वे पांच ऐतिहासिक कस्बों सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खडूर साहिब और तरनतारन होते हुए अमृतसर तक जाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार दोपहर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ इससे संबंधित जानकारी साझा की। वहीं, मंगलवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कटरा-दिल्ली एक्सप्रेस रोड कॉरिडोर 2023 तक परिचालन को तैयार हो जाएगा। इससे कटरा और दिल्ली के बीच सड़क-यात्रा का समय कम हो जाएगा। दिल्ली से कटरा तक लगभग साढ़े छह घंटे का समय लगेगा तो वहीं जम्मू से दिल्ली का समय महज छह घंटे का होगा।
उल्लेखनीय है कि स्थानीय नागरिकों और जन प्रतिनिधियों की तरफ से इस प्रोजेक्ट को धार्मिक महत्व वाले शहरों सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, तरनतारन से जोड़ने में नाकाम रहने पर चिंता जाहिर की गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने केंद्र के समक्ष यह मसला उठाया था।
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इसी तरह नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्राथमिक प्रस्ताव के मुताबिक, करतारपुर से अमृतसर तक मौजूदा जीटी रोड को ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट के तौर पर चौड़ा करना था, जो महंगा साबित हो रहा, क्योंकि इससे जमीन अधिग्रहण करने के लिए बड़े स्तर पर निर्माण गिराने पड़ते।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श और प्रस्ताव के सभी पहलुओं को जांचने के बाद एनएचएआई ने दिल्ली-अमृतसर-कटरा के पहले चरण के दिल्ली-गुरदासपुर सेक्शन (जो खनौरी के पास से राज्य में प्रवेश करता है और खनौरी, पातड़ां, भवानीगढ़, लुधियाना, नकोदर, जालंधर, करतारपुर, कादियां और गुरदासपुर से गुजरता है) को ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तौर पर सीधा (अलाइनमेंट) करने की मंजूरी दे दी है और इसके अलावा करतारपुर (प्रस्तावित जालंधर-अमृतसर मार्ग एनएच -3 के जंक्शन) से अमृतसर बाइपास को छह मार्ग ब्राऊनफील्ड प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित किया जाना शामिल है।
प्रवक्ता के अनुसार, नई ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए एनएचएआई और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच जल्द मीटिंग पर सहमति हुई है।
ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट के तहत आएगा 100 किमी. का एरिया
प्रवक्ता ने बताया कि ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट के कारण अमृतसर एक्सप्रेस हाइवे से सीधा जुड़ेगा। इसके बाद अमृतसर -डेरा बाबा नानक रोड के नजदीक राजासांसी एयरपोर्ट में मिल जाएगा।
करीब 100 किलोमीटर को कवर करती यह अलाइनमेंट पांच सिख गुरु साहिबान की तरफ से स्थापित किए पांच धार्मिक कस्बों सुल्तानपुर लोधी (श्री गुरु नानक देव जी), गोइन्दवाल साहिब (श्री गुरु अमरदास जी), खडूर साहिब (श्री गुरु अंगद देव जी), तरनतारन (श्री गुरु अर्जुन देव जी) और अमृतसर (श्री गुरु राम दास जी) को आपस में जोड़ेगी।