हरियाणा दिवस पर कलाकारों के ‘धमाल’ ने बांधा समां, सीएम और राज्यपाल ने कार्यक्रम का किया शुभारंभ
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हरियाणा राजभवन में गुरुवार शाम को राज्यस्तरीय हरियाणा दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साहपूर्वक मनाया गया। समारोह का शुभारंभ हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधिवत दीप प्रज्ज्वलित करके किया। तत्पश्चात गांधी जी के पसंदीदा वैष्णव जन गीत से सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत की गई। पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर भी समारोह में विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। जबकि प्रथम लेडी गवर्नर सरस्वती देवी भी उपस्थित रहीं।
हरियाणा के राज्यपाल ने प्रदेश के लोगों को इस शुभ अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि हरियाणा प्रदेश ने अपने गठन के बाद प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। 1966 में जब हरियाणा बना तो यह मरुस्थलीय प्रदेश था जिसकी गिनती अब देश के विकसित राज्यों में होती है। इस अवसर पर बहुरंगी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
इसकी शुरुआत हरियाणवी नृत्य धमाल से की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में ही बिहार और छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य ‘छाव’ की प्रस्तुति बेहद मनमोहक रही। उत्तर प्रदेश के लोकनृत्य मयुर, बरसाना की होली, पंजाब के नृत्य लुड्डी राजस्थानी और हरियाणवी नृत्य ‘लूर’ की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बार-बार तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया है।
इसके साथ-साथ राजस्थान के भवई नृत्य की प्रस्तुति भी बेहद मनमोहक रही। इनके अलावा हरियाणा वंदना, हरियाणा का विकास के गीत और संकल्प गीत विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे जिनमें हरियाणा की विकास यात्रा प्रस्तुत की गई। राज्यपाल ने समारोह में भाग लेने वाले कलाकारों को पांच लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने कला एवं संस्कृति विभाग की और से उन कलाकारों को सम्मानित किया जिन्होंने पिछले दिनों सांझी प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए थे।