CBSE की मदद से प्राइवेट स्कूलों की मनमानियों पर लगेगा लगाम
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प्राइवेट स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें सिलेबस में शामिल करने और कैंपस में बुकशॉप खोलकर मोटी कमाई करने वाले प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा कसने में यूटी प्रशासन सीबीएसई की मदद लेगा। सूत्रों के अनुसार सीबीएसई चेयरमैन को डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने चिट्ठी लिखी है। बताया जा रहा है कि पूरे मामले में अब सीबीएसई और शिक्षा विभाग की एक संयुक्त कमेटी गठित होगी जो पूरे मामले की जांच करेगी।
मामले में नई दिल्ली सीबीएसई ने पंचकूला स्थित रीजनल सेंटर के अधिकारियों से पूरे मामले में रिपोर्ट भी तलब की है। शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई न करने पर अभिभावकों ने सीबीएसई के अधिकारियों को शिकायतें भेजनी शुरू कर दी हैं।
प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ही बेहतर तरीके से शिकंजा कस सकता है। ऐसे में यूटी प्रशासन पूरे मामले में सीबीएसई की मदद लेना ही बेहतर समझ रहा है। कई प्राइवेट स्कूलों की प्रशासनिक और राजनीतिक पहुंच होने के कारण यूटी प्रशासन के अधिकारी भी हाथ डालने से डर रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग सीबीएसई को ढाल बनाकर प्राइवेट स्कूलों पर लगाम कसने की रणनीति बना रहा है।
बताया जा रहा है कि अगले हफ्ते तक शिक्षा विभाग के नोटिस का जवाब न देने वाले प्राइवेट स्कूलों को सीबीएसई की ओर से नोटिस भेजे जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार सीबीएसई ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को संयुक्त कमेटी गठित कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार नई दिल्ली में सीबीएसई अधिकारियों के निर्देश पर पंचकूला स्थित रीजनल सेंटर के हेड की शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह के साथ अहम बैठक हो चुकी है। जिसकी रिपोर्ट दिल्ली भेजी जा चुकी है। प्राइवेट स्कूलों के मामलों की जांच के लिए सीबीएसई और चंडीगढ़ के शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त कमेटी गठित करने की तैयारी है।
करीब 35 स्कूलों ने ही नोटिस का जवाब दिया
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी जारी: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी जारी है। 16 अप्रैल को शहर के सभी प्राइवेट, कॉन्वेंट और एडेड स्कूलों को निजी पब्लिशर्स की किताबों के मामले भेजे नोटिस का 20 अप्रैल तक जवाब देना था। लेकिन वीरवार तक आधे स्कूलों ने भी जवाब नहीं भेजा। वीरवार तक करीब 35 स्कूलों ने ही नोटिस का जवाब दिया है। अन्य स्कूलों ने छुट्टियों का हवाला देकर कुछ दिन की मोहल्लत मांगी है। डीएसई के निर्देश पर जिला डीईओ ने सोमवार तक का समय दे दिया है।
हाईकोर्ट में अवमानना याचिका: 9 अप्रैल 2013 को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को छह महीने के भीतर प्राइवेट स्कूलों की मनमर्जी पर नकेल कसने के लिए रेगुलेशन और रेगुलेटरी बॉडी गठित करने के आदेश दिए थे। लेकिन यूटी प्रशासन ने मामले में कोई कमेटी गठित नहीं की। वीरवार को एडवोकेट पंकज चांदगोठिया ने हाईकोर्ट में यूटी प्रशासन के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की है। मामले में मंगलवार को सुनवाई होगी।
स्कूलों में होगी जांच: शिक्षा विभाग ने प्राइेवट स्कूलों की ओर से लिखित में दिए गए नोटिस के जवाबों की जांच की तैयारी की है। सभी स्कूलों द्वारा लिखित में भेजे जवाब के बारे में स्कूल कैंपस में जाकर जांच की जाएगी। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में तीन से चार कमेटियां अगले हफ्ते तक गठित कर दी जाएंगी।
विनय आर सूद, जिला शिक्षा अधिकारी चंडीगढ़ के अनुसार सभी प्राइवेट स्कूलों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। डीएसई ने सोमवार तक समय सीमा बढ़ा दी है। स्कूलों को रिमाइंडर भी भेजा गया है। अभी कितने स्कूलों के जवाब आए हैं, इस बारे में सही संख्या की जानकारी नहीं है। जवाब न देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई का फैसला उच्च अधिकारी लेंगे।
रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ ने बताया कि विभाग पूरे मामले में अपने स्तर पर काम कर रहा है। प्राइवेट स्कूलों द्वारा भेजे गए तथ्यों की जांच कराई जाएगी। मामले में सीबीएसई को चिट्ठी भेजी है और उनसे सहयोग का आश्वासन मिला है ।