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हनीप्रीत को ही बनाया गया है दंगे की मुख्य आरोपी
दीपक शाही/अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला
Updated Thu, 30 Nov 2017 01:37 AM IST
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Honeypreet Insan Arrest
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हनीप्रीत का चेहरा बेनकाब हो गया है। 25 अगस्त को पंचकूला के सीबीआई अदालत में गुरमीत राम रहीम के खिलाफ फैसला सुनाए जाने के बाद हनीप्रीत पंचकूला में दंगा और आगजनी करवाकर गुरमीत राम रहीम को लेकर विदेश जाने के प्लानिंग में थी।
इसका खुलासा उसने अपने कबूलनामे में किया है। बता दें कि हनीप्रीत का कबूलनामा पुलिस ने 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ दायर की गई चार्जशीट के साथ कोर्ट में पेश किया।
जिसके मुताबिक हनीप्रीत ने पंचकुला हिंसा और गुरमीत राम रहीम को फरार करवाने का साजिश रचने का जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस को दिए गए अपने बयान में हनीप्रीत ने कहा है कि उसने हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और खून-खराबा इसलिए करवाया था, ताकि पुलिस का ध्यान गुरमीत से हट जाए और वह अपने प्लान के मुताबिक बाबा को लेकर नेपाल चली जाए और फिर वहां से विदेश में जा कर कहीं बस जाए। चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि डेरा गैंग ने पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमला बोलने का प्लान भी बनाया था। डेरा में मौजूद समर्थकों को हथियार और लाठियां, डंडे, डीजल और पेट्रोल मुहैया करवाया गया था।
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ऐसे बनाया था हिंसा का प्लान
इस काम के लिए हनीप्रीत ने 17 अगस्त को ही तैयारी कर ली थी। इसके लिए एक बैठक बुलवा कर डेरे के बड़े कारिंदों की बाक़ायदा ड्यूटी लगाई गई थी. जिसमें किराए पर गुंडे लाने की जिम्मेदारी पंचकुला के डेरा इंचार्ज चमकौर सिंह को सौंपी गई थी।
हनीप्रीत ने पुलिस को बताया ऽ17 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा के सिरसा मुख्यालय में मौजूद सभी लोगों की ड्यूटियां लगाने के बाद प्लान बनाया गया कि गुरमीत राम रहीम को कस्टडी से छुड़वाकर उसके साथ नेपाल के रास्ते विदेश भाग जाऊंगी।
इसी योजना के तहत वह और गुरमीत राम रहीम का पासपोर्ट, डेरा गोपनीय, प्रॉपर्टी के दस्तावेज, कई बैंक्स की चेक बुक और क्रेडिट कार्ड लेकर साथ आई थी।
ये सारा सामान एक अटैची में रखा था, जो 25 अगस्त को भी साथ थी और उसी कार में रखा गया था, जिसमें गुरमीत राम रहीम को पंचकुला लाया जा रहा था। लेकिन गुरमीत के साथ विदेश में बसने का प्लान कामयाब नहीं हो पाया और हनीप्रीत अटैची के साथ 25 अगस्त की ही रात वापस डेरा में लौट आई।
वह 27 अगस्त को दस्तावेजों की अटैची लेकर जयपुर को रवाना हुई। उससे पहले उसने अपना लैपटॉप और एप्पल मोबाइल फ़ोन विपसना इंसा को सौंपा था।
जेल भेजने का बदला लेना चाहती थी हनीप्रीत
हनीप्रीत ने पुलिस को बताया है कि उसने और डॉ. आदित्य इंसां समेत देशद्रोह मामले के सभी आरोपियों ने बाबा का बदला लेने के लिए भारत को विश्व के मानचित्र से मिटाने की कसम खाई थी।
खुद को देशप्रेमी कहने वाले गुरमीत और उसकी बेबी के खुलासे ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। हनीप्रीत विदेश में बस कर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होकर भारत का नाम मिटाना चाहती थी। ये खुलासा पुलिस की चार्जशीट में हुआ है।
देशभर से बुलाए थे समर्थक
हनीप्रीत और उसके साथियों की टीम सरकार पर दबाव बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए। डेरा गैंग ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब आदि राज्यों से लाखों की संख्या में समर्थक बुला कर उनको लाठियां, डंडे, पठार, पेट्रोल, डीजल और पैसा मुहैया करवाया। फिर उन लोगों को पंचकुला की सड़कों पर बैठा दिया ताकि सरकार और कोर्ट दबाव में आकर गुरमीत राम रहीम सिंह को छोड़ दें।
पंचकूला सेक्टर 12 से बरामद हुए थे रुपये
पुलिस चार्जशीट में सामने आया है कि हनीप्रीत ने डेरा में जमा काला धन पंचकूला हिंसा पर खर्च करवाया था। गुरमीत राम रहीम की गुफा में इकट्ठा किए गए 1.25 करोड़ रुपये गुरमीत राम रहीम के निजी सचिव राकेश ने पंचकुला सच्चा सौदा के नाम चर्चा घर के इंचार्ज चमकौर सिंह को सौंपे थे।
डेरा से प्राप्त 1.25 करोड़ रुपये की राशि में से 25 लाख रुपये आदित्य इंसां, 25 लाख पवन इंसा, 25 लाख गोभी राम, 18 लाख राम सिंह और 7 लाख रुपये गुरमीत राम रहीम के अधिकारियों को दिए गए थे. इसके अलावा 25 लाख रुपये पंचकूला के सेक्टर 12 की बेसमेंट में छिपा कर रखे गए थे, जिसमें से पुलिस ने 24 लाख, 80 हजार, 500 रुपये बरामद कर लिए थे।
हिंसा मामले का सेशन कोर्ट में ट्रायल शुरू, 41 आरोपी अदालत में पेश
सिरसा हिंसा मामले का बुधवार से सेशन कोर्ट में ट्रायल शुरू हो गया है। सुबह इस मामले में आरोप तयशुदा 41 आरोपियों की अदालत में पेशी हुई। सीजेएम कोर्ट ने इस मामले को सेशन ट्रायल के लिए सेशन कोर्ट में भेज दिया था।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला व सिरसा में डेरा अनुयायियों ने जमकर हिंसा की थी। इस मामले में सिरसा पुलिस 900 पेजों की चार्जशीट अदालत में पेश कर चुकी है।
इस मामले में अभी तक पुलिस 67 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की धरपकड़ जारी है। इन लोगाें पर देशद्रोह सहित जानलेवा हमला करना, आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा का आरोप है।
बुधवार को सेशन कोर्ट ने देशद्रोह के दस आरोपियों को जमानत दे दी। जिन आरोपियों को अदालत से जमानत मिली उनमें कृष्ण कांत, उपेंद्र सोनी, निर्मल सिंह, रीमा रानी, पारूल, नेहा, सीनू, अमनप्रीत, दवेंद्र व श्रवण कुमार शामिल है।
इससे पहले हाईकोर्ट से चार आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने हिंसा मामले में 69 लोगों को गवाह बनाया है। अब ये मामला सेशन कोर्ट में चलेगा।
अदालत में हिंसा मामले को लेकर सौंपी चार्जशीट में सिरसा पुलिस ने बताया है कि 25 अगस्त को धारा 144 लागू थी। कीर्ति नगर चौकी इंचार्ज एएसआई अशोक कुमार जगदंबे पेपर मिल पर तैनात थे।
तहसीलदार रविंद्र ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नाके पर तैनात थे। सीबीआई कोर्ट ने डेरा मुखी को दोषी करार दिया तो शाम करीब पांच बजे हजारों डेरा प्रेमी आगजनी करते हुए नाके पर आ पहुंचे।
सरकार विरोधी नारे लगाते हुए डेरा प्रेमियों ने पुलिस पार्टी पर पथराव शुरू कर दिया। इसमें सिपाही रमेश कुमार व हवलदार प्रहलाद को चोट आई। भीड़ में से कुछ व्यक्तियों ने जान से मारने की नियत से पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने लगे।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछार की, लेकिन उपद्रवियों की भीड़ तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को मारने पर उतारू हो गई। फिर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार मौजूद अधिकारियों ने डेरा प्रेमियों पर हवाई फायरिंग करवाई।
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इसका खुलासा उसने अपने कबूलनामे में किया है। बता दें कि हनीप्रीत का कबूलनामा पुलिस ने 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ दायर की गई चार्जशीट के साथ कोर्ट में पेश किया।
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जिसके मुताबिक हनीप्रीत ने पंचकुला हिंसा और गुरमीत राम रहीम को फरार करवाने का साजिश रचने का जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस को दिए गए अपने बयान में हनीप्रीत ने कहा है कि उसने हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और खून-खराबा इसलिए करवाया था, ताकि पुलिस का ध्यान गुरमीत से हट जाए और वह अपने प्लान के मुताबिक बाबा को लेकर नेपाल चली जाए और फिर वहां से विदेश में जा कर कहीं बस जाए। चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि डेरा गैंग ने पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमला बोलने का प्लान भी बनाया था। डेरा में मौजूद समर्थकों को हथियार और लाठियां, डंडे, डीजल और पेट्रोल मुहैया करवाया गया था।
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इस काम के लिए हनीप्रीत ने 17 अगस्त को ही तैयारी कर ली थी। इसके लिए एक बैठक बुलवा कर डेरे के बड़े कारिंदों की बाक़ायदा ड्यूटी लगाई गई थी. जिसमें किराए पर गुंडे लाने की जिम्मेदारी पंचकुला के डेरा इंचार्ज चमकौर सिंह को सौंपी गई थी।
हनीप्रीत ने पुलिस को बताया ऽ17 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा के सिरसा मुख्यालय में मौजूद सभी लोगों की ड्यूटियां लगाने के बाद प्लान बनाया गया कि गुरमीत राम रहीम को कस्टडी से छुड़वाकर उसके साथ नेपाल के रास्ते विदेश भाग जाऊंगी।
इसी योजना के तहत वह और गुरमीत राम रहीम का पासपोर्ट, डेरा गोपनीय, प्रॉपर्टी के दस्तावेज, कई बैंक्स की चेक बुक और क्रेडिट कार्ड लेकर साथ आई थी।
ये सारा सामान एक अटैची में रखा था, जो 25 अगस्त को भी साथ थी और उसी कार में रखा गया था, जिसमें गुरमीत राम रहीम को पंचकुला लाया जा रहा था। लेकिन गुरमीत के साथ विदेश में बसने का प्लान कामयाब नहीं हो पाया और हनीप्रीत अटैची के साथ 25 अगस्त की ही रात वापस डेरा में लौट आई।
वह 27 अगस्त को दस्तावेजों की अटैची लेकर जयपुर को रवाना हुई। उससे पहले उसने अपना लैपटॉप और एप्पल मोबाइल फ़ोन विपसना इंसा को सौंपा था।
जेल भेजने का बदला लेना चाहती थी हनीप्रीत
हनीप्रीत ने पुलिस को बताया है कि उसने और डॉ. आदित्य इंसां समेत देशद्रोह मामले के सभी आरोपियों ने बाबा का बदला लेने के लिए भारत को विश्व के मानचित्र से मिटाने की कसम खाई थी।
खुद को देशप्रेमी कहने वाले गुरमीत और उसकी बेबी के खुलासे ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। हनीप्रीत विदेश में बस कर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होकर भारत का नाम मिटाना चाहती थी। ये खुलासा पुलिस की चार्जशीट में हुआ है।
देशभर से बुलाए थे समर्थक
हनीप्रीत और उसके साथियों की टीम सरकार पर दबाव बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए। डेरा गैंग ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब आदि राज्यों से लाखों की संख्या में समर्थक बुला कर उनको लाठियां, डंडे, पठार, पेट्रोल, डीजल और पैसा मुहैया करवाया। फिर उन लोगों को पंचकुला की सड़कों पर बैठा दिया ताकि सरकार और कोर्ट दबाव में आकर गुरमीत राम रहीम सिंह को छोड़ दें।
पंचकूला सेक्टर 12 से बरामद हुए थे रुपये
पुलिस चार्जशीट में सामने आया है कि हनीप्रीत ने डेरा में जमा काला धन पंचकूला हिंसा पर खर्च करवाया था। गुरमीत राम रहीम की गुफा में इकट्ठा किए गए 1.25 करोड़ रुपये गुरमीत राम रहीम के निजी सचिव राकेश ने पंचकुला सच्चा सौदा के नाम चर्चा घर के इंचार्ज चमकौर सिंह को सौंपे थे।
डेरा से प्राप्त 1.25 करोड़ रुपये की राशि में से 25 लाख रुपये आदित्य इंसां, 25 लाख पवन इंसा, 25 लाख गोभी राम, 18 लाख राम सिंह और 7 लाख रुपये गुरमीत राम रहीम के अधिकारियों को दिए गए थे. इसके अलावा 25 लाख रुपये पंचकूला के सेक्टर 12 की बेसमेंट में छिपा कर रखे गए थे, जिसमें से पुलिस ने 24 लाख, 80 हजार, 500 रुपये बरामद कर लिए थे।
हिंसा मामले का सेशन कोर्ट में ट्रायल शुरू, 41 आरोपी अदालत में पेश
सिरसा हिंसा मामले का बुधवार से सेशन कोर्ट में ट्रायल शुरू हो गया है। सुबह इस मामले में आरोप तयशुदा 41 आरोपियों की अदालत में पेशी हुई। सीजेएम कोर्ट ने इस मामले को सेशन ट्रायल के लिए सेशन कोर्ट में भेज दिया था।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला व सिरसा में डेरा अनुयायियों ने जमकर हिंसा की थी। इस मामले में सिरसा पुलिस 900 पेजों की चार्जशीट अदालत में पेश कर चुकी है।
इस मामले में अभी तक पुलिस 67 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की धरपकड़ जारी है। इन लोगाें पर देशद्रोह सहित जानलेवा हमला करना, आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा का आरोप है।
बुधवार को सेशन कोर्ट ने देशद्रोह के दस आरोपियों को जमानत दे दी। जिन आरोपियों को अदालत से जमानत मिली उनमें कृष्ण कांत, उपेंद्र सोनी, निर्मल सिंह, रीमा रानी, पारूल, नेहा, सीनू, अमनप्रीत, दवेंद्र व श्रवण कुमार शामिल है।
इससे पहले हाईकोर्ट से चार आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने हिंसा मामले में 69 लोगों को गवाह बनाया है। अब ये मामला सेशन कोर्ट में चलेगा।
अदालत में हिंसा मामले को लेकर सौंपी चार्जशीट में सिरसा पुलिस ने बताया है कि 25 अगस्त को धारा 144 लागू थी। कीर्ति नगर चौकी इंचार्ज एएसआई अशोक कुमार जगदंबे पेपर मिल पर तैनात थे।
तहसीलदार रविंद्र ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नाके पर तैनात थे। सीबीआई कोर्ट ने डेरा मुखी को दोषी करार दिया तो शाम करीब पांच बजे हजारों डेरा प्रेमी आगजनी करते हुए नाके पर आ पहुंचे।
सरकार विरोधी नारे लगाते हुए डेरा प्रेमियों ने पुलिस पार्टी पर पथराव शुरू कर दिया। इसमें सिपाही रमेश कुमार व हवलदार प्रहलाद को चोट आई। भीड़ में से कुछ व्यक्तियों ने जान से मारने की नियत से पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने लगे।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछार की, लेकिन उपद्रवियों की भीड़ तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को मारने पर उतारू हो गई। फिर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार मौजूद अधिकारियों ने डेरा प्रेमियों पर हवाई फायरिंग करवाई।