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Chandigarh News: यूटी इंजीनियरिंग विभाग के सीपी-6 में सीबीआई की दस्तक, कब्जे में लिए फुटबॉल ग्राउंड के दस्तावेज
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चंडीगढ़। सेक्टर-17 के फुटबॉल ग्राउंड को तिरंगा पार्क में बदलने के विवाद में अब सीबीआई की एंट्री हो गई है। मंगलवार को सीबीआई की टीम ने यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के सीपी-6 में दस्तक दी और फुटबॉल ग्राउंड से संबंधित सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।
बताया जा रहा है कि सीबीआई की यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर हुई है। वहीं, यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऑडिट पैरा के जवाब को लेकर सीबीआई ने दस्तावेज लिए हैं। हालांकि, फुटबॉल ग्राउंड को तिरंगा पार्क में बदलने पर हुआ विवाद पुराना है। इसी वर्ष अप्रैल माह में स्पोर्ट्स प्लेयर्स पेरेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट आरडी अत्री और अन्य पदाधिकारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कई आरोप लगाए थे। कहा था कि फेडरेशन ने आरटीआई के माध्यम से कई जानकारियां एकत्रित की हैं। सेक्टर-17 के फुटबॉल ग्राउंड को तिरंगा पार्क में बदलने पर करीब 11 करोड़ खर्च किए गए हैं। पहले यहां राष्ट्रीय स्तर के मैच होते थे लेकिन अब अभ्यास के मैच भी नहीं हो सकते। आरोप लगाया था कि इस मैदान को बदलने की शक्ति किसी के पास नहीं थी लेकिन बावजूद इसका नक्शा बदल दिया गया। इसके अलावा भी कई अन्य आरोप लगाए गए थे।
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बताया जा रहा है कि सीबीआई की यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर हुई है। वहीं, यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऑडिट पैरा के जवाब को लेकर सीबीआई ने दस्तावेज लिए हैं। हालांकि, फुटबॉल ग्राउंड को तिरंगा पार्क में बदलने पर हुआ विवाद पुराना है। इसी वर्ष अप्रैल माह में स्पोर्ट्स प्लेयर्स पेरेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट आरडी अत्री और अन्य पदाधिकारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कई आरोप लगाए थे। कहा था कि फेडरेशन ने आरटीआई के माध्यम से कई जानकारियां एकत्रित की हैं। सेक्टर-17 के फुटबॉल ग्राउंड को तिरंगा पार्क में बदलने पर करीब 11 करोड़ खर्च किए गए हैं। पहले यहां राष्ट्रीय स्तर के मैच होते थे लेकिन अब अभ्यास के मैच भी नहीं हो सकते। आरोप लगाया था कि इस मैदान को बदलने की शक्ति किसी के पास नहीं थी लेकिन बावजूद इसका नक्शा बदल दिया गया। इसके अलावा भी कई अन्य आरोप लगाए गए थे।
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