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Hindi News ›   Chandigarh ›   CBI files FIRs to trace people from Punjab, Haryana who went missing while working abroad

Punjab: पंजाब और हरियाणा के कई युवा विदेश में लापता, अब सीबीआई करेगी जांच, चार मामले दर्ज

Thu, 02 Nov 2023 05:40 PM IST
ajay kumar पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ajay kumar Updated Thu, 02 Nov 2023 05:40 PM IST
सार

न्यायाधीश विनोद भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने कहा कि गंभीरता इस बात से पैदा होती है कि बड़ी संख्या में युवा लापता हैं और उनका कोई सुराग नहीं लग रहा है। इसके बाद हाईकोर्ट ने जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा।

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CBI files FIRs to trace people from Punjab, Haryana who went missing while working abroad
सीबीआई। - फोटो : फाइल

विस्तार

विदेश में लापता होने वाले पंजाब और हरियाणा के युवाओं के मामलों की जांच अब केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। सीबीआई ने चार अलग-अलग मामले में भी दर्ज किए हैं। दरअसल, पंजाब और हरियाणा के यह युवा काम की तलाश में विदेश गए थे लेकिन वहां लापता हो गए। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच में जुट गई है। हाईकोर्ट ने केंद्रीय एजेंसी को पांच याचिकाकर्ताओं के मामलों की जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया था।

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याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके रिश्तेदारों को ट्रैवल एजेंटों ने फर्जी दस्तावेजों पर या तस्करी के मार्गों से विदेश भेजने का प्रलोभन दिया गया। इसके बाद वह वहां गायब हो गए। सीबीआई ने दलजीत सिंह, अक्टूबर सिंह, जसवंत सिंह और महा सिंह की अलग-अलग शिकायतों में हरियाणा की नीता, बंटी, युदवीर भाटी और पंजाब के अवतार सिंह और प्रदीप कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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महा सिंह ने आरोप लगाया कि उनका बेटा सोमबीर दो अन्य व्यक्तियों के साथ युदवीर राठी डिफेंस एकेडमी (रोहतक) के माध्यम से यमन में ओवरसीज शिपिंग कंपनी में काम करने गया था। एक साल बाद उनके साथ गए केवल दो व्यक्ति वापस आए लेकिन उनके बेटे का कोई पता नहीं चला।

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जसवंत सिंह ने आरोप लगाया कि उनका बेटा 2010 से लापता है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने दावा किया कि पंजाब के 105 लोग लापता हैं और उनका कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने मामले दर्ज करने और अपने लापता बच्चों का पता लगाने के लिए पुलिस से संपर्क करने का बार-बार प्रयास किया लेकिन राज्य के उपकरणों ने उन्हें ढूंढने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है।

वकील ने कहा कि चूंकि मामले छात्रों और व्यक्तियों के अवैध रूप से देश से बाहर जाने से जुड़ा हैं। इसलिए राज्य पुलिस का अधिकार क्षेत्र और भी सीमित है और केंद्रीय एजेंसियों पर बहुत अधिक निर्भरता है। उधर, पंजाब और हरियाणा सरकारों और केंद्र ने सीबीआई को जांच सौंपने का विरोध नहीं किया।

न्यायाधीश विनोद भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने कहा कि गंभीरता इस बात से पैदा होती है कि बड़ी संख्या में युवा लापता हैं और उनका कोई सुराग नहीं लग रहा है। इसके बाद हाईकोर्ट ने जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा।

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