सीबीआई अदालत ने पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर के खिलाफ गैर जमानती वारंट किया जारी
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पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में सस्पेंड मनीमाजरा थाने की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर के खिलाफ सीबीआई की स्पेशल अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। यह वारंट इंस्पेक्टर जसविंदर कौर के निवास स्थान जीरकपुर भेजा गया है।
बता दें कि सीबीआई ने बीते 29 जून को बिचौलिया भगवान सिंह को जाल बिछाकर मोहाली से रिश्वत की दूसरी किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। आरोप है कि यह पैसे उसने आरोपी पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर के कहने पर लिए थे। गवाहों की मौजूदगी में आरोपी भगवान सिंह ने जसविंदर कौर को उसके ऑफिशियल और निजी नंबर पर फोन किया था लेकिन जसविंदर कौर ने कोई उत्तर नहीं दिया।
कुछ देर बाद भगवान सिंह की जसविंदर कौर के साथ बात हुई, जिसके बाद भगवान सिंह ने जसविंदर को तीन लाख रुपये के बारे में जानकारी दी थी। भगवान सिंह ने जसविंदर को यह भी बताया था कि गुरदीप सिंह ने दो लाख रुपये पहले दे दिए थे। इसके बाद जसविंदर कौर ने कहा था कि ठीक है।
दोनों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और मनीमाजरा थाने की सीसीटीवी फुटेज सीबीआई ने अदालत को सौंप दी थी। मामले में और खुलासे करने के लिए सीबीआई ने आरोपी भगवान सिंह का 8 दिन का रिमांड भी भी लिया था। सीबीआई ने कहा कि 30 जून को एसएचओ को फोन कर जांच में शामिल होने के लिए सेक्टर- 30 सीबीआई कार्यालय बुलाया गया।
कार्यालय न पहुंचने पर सीबीआई ने जीरकपुर स्थित निवास स्थान पर भी छापा मारा लेकिन वह नहीं मिली। वह जानबूझकर फरार हो गई। उसका फोन भी बंद है। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों ने नोटिस जारी कर जसविंदर के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे।
मामले के मुताबिक मनीमाजारा निवासी शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि मनीमाजरा की थाना प्रभारी जसविंदर कौर ने धोखाधड़ी मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की धमकी देकर मामले को सुलझाने के एवज में पांच लाख रुपये रिश्वत की मांग की है। इसके बाद मामले की सूचना सीबीआई को दे दी गई। सूचना पर सीबीआई ने रिश्वत की दूसरी किस्त के एक लाख रुपये लेते हुए बिचौलिया भगवान सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था।