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राम रहीम की मुश्किलें बढ़ीं, 11 जनवरी को मर्डर केस में आएगा फैसला, कोर्ट का बड़ा आदेश

Thu, 03 Jan 2019 09:31 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 03 Jan 2019 09:31 AM IST
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CBI Court can be give verdict on Journalist Chhatrapati massacre case
राम रहीम - फोटो : self

दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं। 11 जनवरी को पंचकूला सीबीआई की विशेष अदालत पत्रकार छत्रपति हत्याकांड मामले में फैसला सुना सकती है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान छत्रपति हत्याकांड मामले की बहस पूरी हो गई। अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों ने अपनी दलीलें पूरी कर लीं। सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है।

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कोर्ट ने सुनारिया जेल के सुपरिंटेंडेंट को निर्देश दिया है कि राम रहीम को 11 जनवरी को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाए। सीबीआई की विशेष अदालत के जज जगदीप सिंह ने 11 जनवरी को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पेश किए जाने के निर्देश दिए हैं।
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गुरमीत राम रहीम दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल कैद की सजा काट रहा है। सीबीआई की विशेष अदालत के जज जगदीप सिंह ने ही साध्वियों से दुष्कर्म मामले में 25 अगस्त 2017 को फैसला सुनाया था।
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राम रहीम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुआ पेश  
सुनवाई के दौरान इस मामले में आरोपी किशन लाल, निर्मल और कुलदीप पेश हुए। रोहतक की सुनारिया जेल में बंद गुरमीत राम रहीम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुआ। इसके साथ ही गुरमीत राम रहीम व अन्य आरोपियों के वकीलों ने कोर्ट में अपनी बहस पूरी की। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर किशन लाल, निर्मल और कुलदीप के साथ मिलकर साजिश रचकर सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या कराने का आरोप है। 

CBI Court can be give verdict on Journalist Chhatrapati massacre case
राम रहीम के साथ हनीप्रीत (फाइल फोटो)

आरोप है कि बाइक पर आए कुलदीप ने गोली मारकर रामचंद्र प्रजापति की हत्या कर दी थी, उसके साथ निर्मल भी था। छत्रपति ने अपने सांध्य कालीन समाचार पत्र पूरा सच में इस संबंध में अनाम साध्वी का पत्र प्रकाशित किया था और पूरे मामले का खुलासा किया था।

इस मामले में 2003 में एफआईआर दर्ज हुई थी और 2006 में मामला सीबीआई के सुपुर्द किया गया था। इन साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में ही गुरमीत राम रहीम सुनारिया जेल में 20 वर्ष कैद की सजा भुगत रहा है। 
 
बेटे ने कहा, हमें भरोसा है इंसाफ मिलेगा  
रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमने एक ताकतवर दुश्मन के खिलाफ इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी है। हमें उम्मीद है कि 16 साल बाद अब पिता की हत्या के मामले में इंसाफ मिलेगा। अंशुल छत्रपति ने कहा कि इस मामले में सीबीआई के वकीलों ने पूरे संजीदा तरीके से पैरवी की है। 

इस मामले की बहस पूरी हो चुकी है। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या लाइसेंसी रिवाल्वर से की गई थी। रामचंद्र की हत्या दिनदहाड़े सिरसा में बीच सड़क पर की गई थी। दोनों आरोपियों कुलदीप और निर्मल को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। छत्रपति ने ही साध्वियों से दुष्कर्म के मामले का खुलासा किया था। 

यह था मामला  

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राम रहीम

गौरतलब है कि 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति पर हमला कर उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया गया था। 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में रामचंद्र छत्रपति जिंदगी की लड़ाई हार गए, लेकिन उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने हार नहीं मानी और सीबीआई जांच की मांग के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। 

नवंबर 2003 में हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की और दिसंबर में इस केस की जांच शुरू हो गई थी। हालांकि 2004 में डेरा सच्चा सौदा ने यह जांच रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी।  सुप्रीम कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम की याचिका खारिज कर दी। 

करीब 16 साल इस केस की सुनवाई सीबीआई अदालत में चली और अब दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत नतीजे के बेहद करीब है। 11 जनवरी को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी। 

यह वही अदालत है, जिसने गुरमीत राम रहीम को साध्वियों के यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा सुनाई थी। ऐसे में 11 जनवरी को यदि गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ कोई फैसला आता है तो सलाखों के पीछे बंद गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।

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