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Chandigarh News: जज नोटकांड में सीबीआई ने मांगा दो हफ्ते का समय
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चंडीगढ़। करीब 16 साल पुराने जज नोटकांड में 15 लाख की रिश्वत मामले में सीबीआई अदालत में सोमवार को सुनवाई हुई। इस मामले में फैसले को लेकर दोनों पक्षों के बीच फाइनल बहस होनी थी लेकिन उससे पहले ही जांच एजेंसी ने अर्जी दायर कर दो हफ्ते का अतिरिक्त समय मांगा। सीबीआई इस मामले में कुछ गवाहों के बयान दोबारा करवाना चाहती है। वह हाईकोर्ट की सिंगल बेंच सेे याचिका खारिज होने के बाद डबल बेंच का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 9 दिसंबर को होगी।
बता दें कि पंचकूला के एक प्लॉट के केस में एकतरफा फैसला देने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जज निर्मल यादव के नाम पर 15 लाख रुपये की रिश्वत ली गई थी। नाम की गलती के चलते महाधिवक्ता संजीव बंसल का मुंशी प्रकाश राम यह पैसे लेकर हाईकोर्ट की न्यायाधीश निर्मलजीत कौर की कोठी पर चला गया था। चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में हाईकोर्ट के जस्टिस निर्मल यादव समेत पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल संजीव बंसल, बिल्डर राजीव गुप्ता, दिल्ली के बिजनेसमैन रविंदर सिंह भसीन और निर्मल सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था लेकिन बाद में मामला सीबीआई के पास ट्रांसफर हो गया था। इस मामले में सीबीआई अदालत में दोनों पक्षों के बयान दर्ज होने के साथ ट्रायल पूरा हो चुका है लेकिन बीच में यह मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चला गया था। इस मामले में सीबीआई अदालत को हाईकोर्ट की कार्रवाई पूरी नहीं होने तक फैसला देने पर रोक लगा दी गई थी। इस मामले में अदालत ने जस्टिस निर्मल यादव को अदालत में पेश होने पर पूर्णता रोक लगा रखी है और नामजद आरोपी संजीव बंसल की पहले ही मौत हो चुकी है।
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बता दें कि पंचकूला के एक प्लॉट के केस में एकतरफा फैसला देने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जज निर्मल यादव के नाम पर 15 लाख रुपये की रिश्वत ली गई थी। नाम की गलती के चलते महाधिवक्ता संजीव बंसल का मुंशी प्रकाश राम यह पैसे लेकर हाईकोर्ट की न्यायाधीश निर्मलजीत कौर की कोठी पर चला गया था। चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में हाईकोर्ट के जस्टिस निर्मल यादव समेत पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल संजीव बंसल, बिल्डर राजीव गुप्ता, दिल्ली के बिजनेसमैन रविंदर सिंह भसीन और निर्मल सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था लेकिन बाद में मामला सीबीआई के पास ट्रांसफर हो गया था। इस मामले में सीबीआई अदालत में दोनों पक्षों के बयान दर्ज होने के साथ ट्रायल पूरा हो चुका है लेकिन बीच में यह मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चला गया था। इस मामले में सीबीआई अदालत को हाईकोर्ट की कार्रवाई पूरी नहीं होने तक फैसला देने पर रोक लगा दी गई थी। इस मामले में अदालत ने जस्टिस निर्मल यादव को अदालत में पेश होने पर पूर्णता रोक लगा रखी है और नामजद आरोपी संजीव बंसल की पहले ही मौत हो चुकी है।
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