फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   CAT's stay on the orders of the Ministry, Prof. till the next hearing. Naresh Panda will remain Dean Academic

Chandigarh News: मंत्रालय के आदेश पर कैट का स्टे, अगली सुनवाई तक प्रो. नरेश पांडा बने रहेंगे डीन एकेडमिक

Tue, 12 Mar 2024 12:39 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2024 12:39 PM IST
विज्ञापन
CAT's stay on the orders of the Ministry, Prof. till the next hearing. Naresh Panda will remain Dean Academic
चंडीगढ़। पीजीआई में बाल चिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रो. सुरजीत सिंह की डीन एकेडमिक के पद पर नियुक्ति के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आदेश को चुनौती देते हुए सोमवार को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) से स्टे ले लिया गया है। प्रो. सुरजीत सिंह की नियुक्ति में वरिष्ठता को चुनौती देते हुए वर्तमान डीन एकेडमिक प्रो. नरेश पांडा सोमवार को पीजीआई प्रशासन के खिलाफ अदालत में चले गए। अदालत ने पीजीआई को अगली सुनवाई तक डीन एकेडमिक के रूप में प्रो. सुरजीत सिंह की ज्वाइनिंग रिपोर्ट स्वीकार नहीं करने का निर्देश दिया है। वर्तमान व्यवस्था अगली सुनवाई 8 अप्रैल तक बनी रहेगी।8 मार्च को मंत्रालय ने आदेश जारी किया था
विज्ञापन




केंद्रीय मंत्रालय ने इस संबंध में 8 मार्च को आदेश जारी किया था। इसके अनुमोदन पत्र में कहा गया था कि प्रो. सुरजीत सिंह को डीन एकेडमिक और प्रो. पांडा को डीन रिसर्च बनाया जाए। प्रो. आरके राठो और प्रो. संजय जैन को तत्काल प्रभाव से क्रमशः उप डीन एकेडमिक और अनुसंधान के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए। इस पर मंत्रालय के हालिया आदेशों का विरोध करते हुए प्रो. पांडा ने दलील दी कि उनकी वरिष्ठता वरिष्ठतम प्रोफेसरों में नंबर एक पर है, इसलिए उनका नाम पीजीआई से नियुक्ति के लिए पैनल में मंत्रालय को भेजा गया था। वरिष्ठता सूची के अनुसार प्रो. सुरजीत सिंह चौथे स्थान पर हैं और पीजीआई प्रशासन की ओर से पैनल में उनके नाम की सिफारिश भी नहीं की गई थी।
विज्ञापन




पैनल में पांच नाम मंत्रालय को सौंपे थे



पीजीआई प्रशासन ने वरिष्ठता के अनुसार डीन एकेडमिक पद के लिए पैनल में पांच नाम मंत्रालय को सौंपे थे। इसमें प्रो. नरेश पांडा, प्रो. आरके राठो, प्रो. संजय जैन, प्रो. आशिमा गोयल और प्रो. केएस थिंगम शामिल थे। प्रो. सुरजीत सिंह का नाम सात महिला प्रोफेसरों की ओर से उनके खिलाफ की गई शिकायतों के चलते हटा दिया गया था। इन सात प्रोफेसरों ने प्रो. सुरजीत सिंह के पक्षपातपूर्ण व्यवहार और तानाशाही कार्यशैली के बारे में केंद्रीय मंत्रालय से शिकायत की थी, जबकि उनमें से एक ने राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed