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'गूगल' पर नंबर तलाशना पड़ा महंगा, क्लिक करते ही खाते से सात हजार साफ, एक कॉल आई थी
Wed, 22 Jan 2020 03:37 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 22 Jan 2020 03:37 PM IST
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चंडीगढ़ सेक्टर-8 में घायल कुत्ते की मदद करना एक युवती को उस वक्त मंहगा पड़ गया, जब उसने गूगल से एक लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके तुरंत बाद युवती के मोबाइल नंबर पर कॉलर ने कहा कि एंबुलेंस की सेवा लेने के लिए 10 रुपये का रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा। जैसे ही युवती ने पैसे देने के लिए फार्म में बैंक डिटेल भरा तो उसके खाते से सात हजार रुपये उड़ गए। गनीमत रही कि जिस खाते से रुपये कटे, उसमें कुल सात हजार की राशि थी। दरअसल हुआ यूं कि पंचकूला निवासी रूचिरा चंडीगढ़ में किसी काम से आई हुई थी।
सेक्टर-8 पहुंची तो उन्हें एक शॉप कीपर ने बताया कि मैडम एक कुत्ते को अज्ञात कार चालक टक्कर मारकर भाग गया है। उन्होंने देखा कि कुत्ता बुरी तरह जख्मी होकर सड़क के पास पड़ा है। रुचिरा ने बताया कि कुत्ता दर्द के मारे चीख रहा था। उसका दर्द देखा न गया। उन्होंने फौरन गूगल पर अपने मोबाइल से सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनीमल्स (एसपीसीए) पर मदद मांगनी चाही। पहला पेज खुलते ही लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके कुछ ही सेकेंड में उनके पास फोन आ गया।
फोन पर व्यक्ति ने कहा कि एंबुलेंस की मदद के लिए लिंक में दिए फार्म में 10 रुपये का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। जैसे ही उन्होंने बैंक डिटेल भरी खाते से सात हजार रुपये निकलने का मैसेज आ गया। इसके बाद उन्होंने एसपीसीए की लैंड लाइन नंबर पर फोन कर मदद मांगी तो थोड़ी देर बाद कुत्ते को अस्पताल पहुंचाया गया। कुत्ते की हालत काफी गंभीर होने के कारण उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद शिकायतकर्ता रुचिरा ने मामले की शिकायत साइबर सेल को दी। साइबर सेल की टीम मामले की छानबीन में जुट गई है।
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पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
साइबर सेल के अनुसार इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में एक घायल पक्षी की मदद करने का झांसा देकर हजारों की ठगी हुई थी। साइबर सेल का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।
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सेक्टर-8 पहुंची तो उन्हें एक शॉप कीपर ने बताया कि मैडम एक कुत्ते को अज्ञात कार चालक टक्कर मारकर भाग गया है। उन्होंने देखा कि कुत्ता बुरी तरह जख्मी होकर सड़क के पास पड़ा है। रुचिरा ने बताया कि कुत्ता दर्द के मारे चीख रहा था। उसका दर्द देखा न गया। उन्होंने फौरन गूगल पर अपने मोबाइल से सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनीमल्स (एसपीसीए) पर मदद मांगनी चाही। पहला पेज खुलते ही लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके कुछ ही सेकेंड में उनके पास फोन आ गया।
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फोन पर व्यक्ति ने कहा कि एंबुलेंस की मदद के लिए लिंक में दिए फार्म में 10 रुपये का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। जैसे ही उन्होंने बैंक डिटेल भरी खाते से सात हजार रुपये निकलने का मैसेज आ गया। इसके बाद उन्होंने एसपीसीए की लैंड लाइन नंबर पर फोन कर मदद मांगी तो थोड़ी देर बाद कुत्ते को अस्पताल पहुंचाया गया। कुत्ते की हालत काफी गंभीर होने के कारण उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद शिकायतकर्ता रुचिरा ने मामले की शिकायत साइबर सेल को दी। साइबर सेल की टीम मामले की छानबीन में जुट गई है।
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पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
साइबर सेल के अनुसार इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में एक घायल पक्षी की मदद करने का झांसा देकर हजारों की ठगी हुई थी। साइबर सेल का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।