फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Cases of Naad burnt increased this year

Punjab: पंजाब में पिछले साल के मुकाबले ज्यादा जली नाड़, 1010 मामलों के साथ सबसे आगे मोगा

Thu, 25 May 2023 01:53 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 25 May 2023 01:53 PM IST
सार

पंजाब में इस बार एक अप्रैल से बुधवार तक गेहूं की नाड़ जलाने के रिपोर्ट हुए कुल 11333 मामलों में सबसे ज्यादा 1010 केस मोगा जिले से सामने आए हैं। 950 मामलों के साथ गुरदासपुर दूसरे और 886 मामलों के साथ लुधियाना तीसरे स्थान पर रहा।

विज्ञापन
Cases of Naad burnt increased this year
पंजाब में नाड़ जलाने के मामले बढ़े - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब सरकार के सभी दावे धरे रह गए। इस बार पिछले साल के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नाड़ ज्यादा जली है। सैटेलाइट के जरिये किए गए सर्वे के मुताबिक साल 2022 में जहां अब तक सूबे में गेहूं की नाड़ जलाने के 10037 मामले रिपोर्ट हुए थे, वहीं इस साल 11333 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार नाड़ जलाने के 1296 ज्यादा मामले रिपोर्ट हो चुके हैं।
विज्ञापन


नाड़ जलाने का सिलसिला जारी है। बुधवार को भी 58 मामले सामने आए है। इस समस्या से पंजाब की आबो हवा लगातार प्रदूषित हो रही है। साथ ही इससे सरकार व पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से किसानों को जागरूक किए जाने के दावों पर भी सवाल उठते हैं। 
विज्ञापन


पंजाब में इस बार एक अप्रैल से बुधवार तक गेहूं की नाड़ जलाने के रिपोर्ट हुए कुल 11333 मामलों में सबसे ज्यादा 1010 केस मोगा जिले से सामने आए हैं। 950 मामलों के साथ गुरदासपुर दूसरे और 886 मामलों के साथ लुधियाना तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, अमृतसर में नाड़ जलाने के 870, फिरोजपुर में 847 और मुख्यमंत्री भगवंत मान के अपने जिले संगरूर में 637 मामले रिपोर्ट हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जालंधर में 617, मुक्तसर में 587, बठिंडा में 586, तरनतारन में 585, बरनाला में 542, कपूरथला में 500, फरीदकोट में 464, फाजिल्का में 437, पटियाला में 418, होशियारपुर में 410, मानसा में 333 और सबसे कम केवल 20 मामले एसएएस नगर में सामने आए हैं।


बुधवार को 124 रहा पंजाब में एक्यूआई
नाड़ जलाने से हवा में धूल के कणों की मात्रा लगातार बढ़ने से प्रदूषण की समस्या बढ़ी है। इससे पंजाब का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बुधवार को 124 रहा, जो मध्यम केटेगरी में आता है। मंगलवार को पंजाब का एक्यूआई 130 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश होने से धूल के कण हवा से जमीन पर आने से प्रदूषण कुछ कम हुआ है। आने वाले दिनों में प्रदूषण और कम होगा। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन डॉ. आदर्श पाल विग के मुताबिक लगातार किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि धान की पराली या गेहूं की नाड़ न जलाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed