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Chandigarh: कोर्ट में एक साल से 37 हजार मामले लटके, क्रिमिनल मामलों की संख्या सिविल केसों से काफी अधिक
Tue, 24 Sep 2024 02:31 PM IST
निवेदिता वर्मा
मोहित पाण्डेय, संवाद, चंडीगढ़
मोहित पाण्डेय, संवाद, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 24 Sep 2024 02:31 PM IST
सार
नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड (एनजेडीजी) के वेबसाइट के अनुसार जिला अदालत में आ रहे क्रिमिनल मामलों की संख्या सिविल केसों की संख्या मुकाबले काफी अधिक है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ जिला अदालत में बीते एक साल में 36,691 मामले लंबित पड़े हुए है। इसमें क्रिमिनल के 24,393 मामले व सिविल के 12,298 मामले शामिल है। पिछले एक माह के अंदर 5,518 दर्ज हुए है, जिसमें क्रिमिनल के 4,813 व सिविल के मात्र 705 केस शामिल है।
वहीं, बीते माह कुल 4,340 मामलों का निपटारा किया गया है, जिसमें सिविल के 598 व क्रिमिनल के 37,57 मामले शामिल है। वहीं, जिला अदालत में कुल लंबित मामलों की संख्या लाख पार हो चुकी है।
बीते सोमवार को जिला अदालत में कुल 2,736 मामले दर्ज किए गए है। जिसमें 2,010 क्रिमिनल व 726 केस है। नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड (एनजेडीजी) के वेबसाइट के अनुसार जिला अदालत में आ रहे क्रिमिनल मामलों की संख्या सिविल केसों की संख्या मुकाबले काफी अधिक है। केसों की पेंडिंग होने की मुख्य वजह वकीलों की अनुपलब्धता, गवाहों को सुरक्षा न मिलना, दस्तावेजों की कमी, अंतरिम आदेशों को एकदम चुनौती देने से फैसले में देरी, केस में पार्टियों का रिकॉर्ड में न आ पाना, सुनवाई पर जिला अदालत समेत, हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की स्टे है।
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जिला अदालत में युवाओं के साथ बुजुर्ग व महिलाएं भी न्याय की गुहार लगाने के लिए पहुंच रहे है। बीते माह सीनियर सिटीजन की ओर से 5,640 मामले दर्ज किए गए है, जिनमें क्रिमिनल के 1477 व सिविल के 4163 मामले शामिल है। वहीं, महिलाओं की ओर से 7,388 मामले दायर किए गए है, जिसमें सिविल के 2722 व क्रिमिनल के 4666 मामले शामिल है।
वकील उपलब्ध नहीं 3241
दस्तवेजों की कमी 2706
गवाहों का न पेश होना 2497
हाईकोर्ट की ओर से स्टे 228
सुप्रीम कोर्ट की ओर से स्टे 26
जिला अदालत की ओर से स्टे 5
कारण के लिए रुके 758
आरोपी फरार 553
अधिक गवाह 125
विविध उपकरण ब्लॉक 86
पार्टियों को कोई दिलचस्पी 19
दस्तावेज उपलब्ध नहीं 13
बार-बार अपील 11
कुल एक लाख से अधिक मामले पेंडिंग
मामला निपटारा पेंडिंग
सिविल केस 1602 10412
एक्सक्यूशन 1440 2987
मैरिज के मामले 892 2160
मध्यस्थता 796 880
मिसलेनियस 669 1534
मोटर क्लेम 514 2676
जुवेनाइल 76 113
क्रिमिनल 26520 80858
लंबित केस कब से कब तक
कितने पुराने सिविल क्रिमिनल कुल ( प्रतिशत )
0-1 वर्ष 10748 55614 66362 ( 62.74)
1-3 वर्ष 6553 19213 25766 ( 24.36 )
3-5 वर्ष 4024 5183 9207 ( 8.7)
5- 10 वर्ष 2212 2013 4225 ( 3.99)
10-20 वर्ष 101 99 200 ( 0.19)
20-30 वर्ष 4 3 7 ( 0.01)
30 वर्ष से अधिक 1 0 1 ( 0)
कुल 23643 ( सिविल) 82125 ( क्रिमिनल) 105768 ( कुल)
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वहीं, बीते माह कुल 4,340 मामलों का निपटारा किया गया है, जिसमें सिविल के 598 व क्रिमिनल के 37,57 मामले शामिल है। वहीं, जिला अदालत में कुल लंबित मामलों की संख्या लाख पार हो चुकी है।
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बीते सोमवार को जिला अदालत में कुल 2,736 मामले दर्ज किए गए है। जिसमें 2,010 क्रिमिनल व 726 केस है। नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड (एनजेडीजी) के वेबसाइट के अनुसार जिला अदालत में आ रहे क्रिमिनल मामलों की संख्या सिविल केसों की संख्या मुकाबले काफी अधिक है। केसों की पेंडिंग होने की मुख्य वजह वकीलों की अनुपलब्धता, गवाहों को सुरक्षा न मिलना, दस्तावेजों की कमी, अंतरिम आदेशों को एकदम चुनौती देने से फैसले में देरी, केस में पार्टियों का रिकॉर्ड में न आ पाना, सुनवाई पर जिला अदालत समेत, हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की स्टे है।
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जिला अदालत में युवाओं के साथ बुजुर्ग व महिलाएं भी न्याय की गुहार लगाने के लिए पहुंच रहे है। बीते माह सीनियर सिटीजन की ओर से 5,640 मामले दर्ज किए गए है, जिनमें क्रिमिनल के 1477 व सिविल के 4163 मामले शामिल है। वहीं, महिलाओं की ओर से 7,388 मामले दायर किए गए है, जिसमें सिविल के 2722 व क्रिमिनल के 4666 मामले शामिल है।
इन वजहों से मामले लंबित
इस कारण मामले लंबित केसों की संख्यावकील उपलब्ध नहीं 3241
दस्तवेजों की कमी 2706
गवाहों का न पेश होना 2497
हाईकोर्ट की ओर से स्टे 228
सुप्रीम कोर्ट की ओर से स्टे 26
जिला अदालत की ओर से स्टे 5
कारण के लिए रुके 758
आरोपी फरार 553
अधिक गवाह 125
विविध उपकरण ब्लॉक 86
पार्टियों को कोई दिलचस्पी 19
दस्तावेज उपलब्ध नहीं 13
बार-बार अपील 11
कुल एक लाख से अधिक मामले पेंडिंग
मामला निपटारा पेंडिंग
सिविल केस 1602 10412
एक्सक्यूशन 1440 2987
मैरिज के मामले 892 2160
मध्यस्थता 796 880
मिसलेनियस 669 1534
मोटर क्लेम 514 2676
जुवेनाइल 76 113
क्रिमिनल 26520 80858
लंबित केस कब से कब तक
कितने पुराने सिविल क्रिमिनल कुल ( प्रतिशत )
0-1 वर्ष 10748 55614 66362 ( 62.74)
1-3 वर्ष 6553 19213 25766 ( 24.36 )
3-5 वर्ष 4024 5183 9207 ( 8.7)
5- 10 वर्ष 2212 2013 4225 ( 3.99)
10-20 वर्ष 101 99 200 ( 0.19)
20-30 वर्ष 4 3 7 ( 0.01)
30 वर्ष से अधिक 1 0 1 ( 0)
कुल 23643 ( सिविल) 82125 ( क्रिमिनल) 105768 ( कुल)