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वकील प्रताड़ना मामला: एसपी समेत छह पुलिसवालों पर केस, अप्राकृतिक यौन संबंध का आरोप

Tue, 26 Sep 2023 10:04 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 26 Sep 2023 10:04 PM IST
सार

एक वकील ने स्थानीय अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया गया कि सीआईए स्टाफ के प्रभारी रमन कुमार कंबोज ने उसे और उनके साथी को  मुक्तसर सदर पुलिस थाने पर कई घंटों तक थर्ड डिग्री टार्चर किया। यही नहीं एसपी रमनदीप सिंह भुल्लर की मौजूदगी में वहां दोनों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।

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Case registered against six policemen including SP in lawyer torture case in Punjab
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पंजाब के मुक्तसर में एसपी समेत छह पुलिसवालों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन पर एक वकील और उसके साथी को थर्ड डिग्री टॉर्चर, अमानवीय व्यवहार, अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप है। पंजाब और चंडीगढ़ में मंगलवार को वकीलों के हड़ताल पर जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। 

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इन पर दर्ज किया केस

मुक्तसर के एसपी (जांच) रमनदीप सिंह भुल्लर, सीआईए स्टाफ के प्रभारी रमन कुमार कंबोज समेत छह पुलिसवालों के खिलाफ सदर थाने में क्रास केस दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों में सीआईए स्टाफ में तैनात सीनियर कांस्टेबल हरबंस सिंह, सीनियर कांस्टेबल भूपिंदर सिंह, कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह, पीएचजी दारा सिंह का नाम शामिल है। आरोपियों के खिलाफ अप्राकृतिक यौन संबंध, गलत कारावास और धमकी देने का केस दर्ज किया गया है। डीएसपी सुनील गोयल के मौके पर मौजूद नहीं होने का हवाला दिया गया। यही वजह है कि उनका नाम प्राथमिकी में दर्ज नहीं किया गया है।

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अदालत के दखल के बाद दर्ज हुआ केस

एक वकील ने स्थानीय अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया गया कि सीआईए स्टाफ के प्रभारी रमन कुमार कंबोज ने उसे और उनके साथी को  मुक्तसर सदर पुलिस थाने पर कई घंटों तक थर्ड डिग्री टार्चर किया। यही नहीं एसपी रमनदीप सिंह भुल्लर की मौजूदगी में वहां दोनों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। इसकी वीडियोग्राफी की और धमकी भी दी कि अगर बाहर जाकर कुछ भी बताया तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा।

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सूत्रों के अनुसार यह शिकायत भी दी गई है कि वहां उन्हें नशीला पदार्थ भी दिया गया और बाद में उन्हीं के खिलाफ आईपीसी की धारा 186, 353 और एनडीपीसी की धारा 27 के तहत केस दर्ज लिया गया और उन्हें जेल भेज दिया। जब याचिका सीजीएम की अदालत में दायर की गई तो अदालत ने मामले की गंभीरता से लिया और 22 सितंबर को जांच कर आरोपी मिलने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।


मगर पिछले कई दिनों से पुलिस मामला दर्ज करने से आनाकानी कर रही थी। इस पर वकीलों ने मंगलवार से हड़ताल की घोषणा कर दी। इसके बाद पुलिस को मामला दर्ज करना ही पड़ा। 

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