Punjab: DSP लखवीर सिंह का केस विजिलेंस को स्थानांतरित, नशा तस्कर से रिश्वत लेने के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी
डीएसपी लखवीर सिंह को तरनतारन पुलिस ने बुधवार को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर में नामजद न करने के लिए एक नशा तस्कर से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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पंजाब पुलिस ने भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार फरीदकोट के डीएसपी लखवीर सिंह का केस पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को ट्रांसफर कर दिया है। डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने बताया कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच एजेंसी है, इसलिए लखवीर सिंह के मामले में भी आगे जांच ब्यूरो को सौंपने का फैसला लिया गया है। डीएसपी लखवीर सिंह को तरनतारन पुलिस ने बुधवार को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर में नामजद न करने के लिए एक नशा तस्कर से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
साजिश के तहत उछाला डीआईजी इंदरबीर सिंह का नाम, नहीं लिया हिरासत में
डीएसपी लखबीर सिंह की गिरफ्तारी के बाद डीआईजी इंदरबीर सिंह का नाम एक साजिश के तहत उछाला गया था, जबकि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया था। सूत्रों के अनुसार यह खबर एक अधिकारी ने फैलाई थी। इस मामले में डीआईजी इंदरबीर सिंह ने बताया कि वह तो अपने कार्यालय में बैठे और कामकाज में व्यस्त थे। इंदरबीर सिंह आईपीएस अधिकारी हैं और इन दिनों फिरोजपुर में बतौर डीआईजी तैनात हैं।
डीआईजी इंदरबीर सिंह पहले पुलिस अधिकारी थे, जिन्होंने अपने कार्यालय के बाहर नोटिस चस्पा कर लिखा था कि कार्यालय में मोबाइल लाने की मनाही नहीं है। इंद्रबीर सिंह ने यह कदम कामकाज में पारदर्शिता के लिए उठाया था, जिसके बाद पंजाब सरकार ने भी आदेश जारी कर अफसरों को मोबाइल पर रोक हटाने का आदेश दिया था।