नौकरी दिलाने के नाम पर खेल: चंडीगढ़ PGI में पैसे लेकर बांट रहे जॉब, आठ महीने में तीन शिकायतें
पीजीआई में जनवरी 2023 में भी नौकरी लगवाने के नाम पर 1.70 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। उस दौरान अनुबंध पर तैनात एक वार्ड सर्वेंट ने नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए थे। इसका संज्ञान लेकर पीजीआई कॉन्ट्रेक्ट वर्कर यूनियन ने साक्ष्यों के साथ मामले की शिकायत गृह मंत्रालय और विजिलेंस को की थी।
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चंडीगढ़ पीजीआई में आठ महीने में पैसे लेकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगने का तीसरा मामला सामने आया है। पहले की दोनों घटनाओं की तरह इस बार भी पीड़ित ने संस्थान में कार्यरत एक कर्मचारी पर नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया है। इस बार ठग ने 40 हजार रुपये में सौदा किया था। इसमें से 20 हजार रुपये पीड़ित ने उसे दे दिए थे लेकिन 8 महीने गुजरने के बाद भी नौकरी न लगने पर पैसे वापस कराने का अनुरोध किया। वहीं पीजीआई प्रशासन का कहना है कि पैसे देकर काम कराने की मनाही होने के बावजूद लोग ऐसी गलती कर रहे हैं।
पीजीआई को 16 अगस्त को दी गई शिकायत में पीड़ित अनमोल ने सेनेटरी अटेंडेंट लगवाने के लिए पीजीआई में इसी पद पर तैनात एक कर्मचारी पर पैसे लेने का आरोप लगाया है। पूर्व के दोनों मामलों में पीड़ित को आरोपी की ओर से धमकाने की शिकायत भी की जा चुकी है। मामला पुलिस चौकी में भी गया था लेकिन कार्रवाई के बजाय सुलह कराकर कानूनी प्रक्रिया समाप्त कर दी गई।
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6 महीने की नौकरी, वेतन एक बार भी नहीं
इससे पहले जुलाई में हिमांशु नामक एक व्यक्ति ने पीजीआई प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी। उसने पीजीआई से की लिखित शिकायत में बताया था कि संस्थान में हॉस्पिटल अटेंडेंट के पद पर तैनात एक व्यक्ति ने छह महीने पहले कहा था कि वह उसकी नौकरी पीजीआई में लगवा देगा। इसके एवज में उसने 1.20 लाख रुपये लिए थे।
इसके बाद उसने उसे एक सिक्योरिटी कंपनी में तैनाती बताकर नौकरी पर आने को कह दिया। उसका ओएम सिक्योरिटी का कार्ड भी बनवाया गया। यही नहीं, पीजीआई स्थित एसबीआई शाखा में उसका खाता तक खुलवा दिया गया है। पैसे लेने वाले ने बोला था कि इसी खाते में वेतन आएगा, लेकिन छह महीने में एक बार भी खाते में वेतन नहीं आया। हिमांशु का कहना है कि उसे छह महीने से लगातार परेशान किया जा रहा है, इसलिए लिखित शिकायत कर पैसे और नौकरी दिलाने का अनुरोध किया है।
एक लाख 70 हजार गंवाए
पीजीआई में जनवरी 2023 में भी नौकरी लगवाने के नाम पर 1.70 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। उस दौरान अनुबंध पर तैनात एक वार्ड सर्वेंट ने नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए थे। इसका संज्ञान लेकर पीजीआई कॉन्ट्रेक्ट वर्कर यूनियन ने साक्ष्यों के साथ मामले की शिकायत गृह मंत्रालय और विजिलेंस को की थी। उस दौरान मामले की जांच के लिए पीजीआई प्रशासन ने एक कमेटी का गठन किया था, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है।
पूर्व के दो मामलों में कमेटी जांच कर रही है। समस्या यह आ रही है कि जिस नाम से शिकायत की गई है, उस नाम का कर्मचारी संस्थान में नहीं मिल रहा। इससे जांच प्रभावित हो रही है। ऐसे मामलों से बचाव के लिए ही संस्थान में हर जगह सूचना लगाई गई है कि किसी भी काम के लिए किसी को पैसे न दें। - कुमार गौरव, डीडीए व प्रवक्ता पीजीआई