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Chandrayaan-3: चंडीगढ़ के निखिल आनंद भी रहे चंद्रयान-3 के लॉन्चिंग टीम का हिस्सा, पिता बोले- बहुत बड़ी कामयाबी
Thu, 24 Aug 2023 12:51 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 24 Aug 2023 12:51 AM IST
सार
निखिल ने पंजाब यूनिवर्सिटी से एमटेक किया है। इसके बाद 16 दिसंबर 2021 को उनका इसरो में चयन हो गया। अब वह श्रीहरिकोटा में ही रहते हैं और चंद्रयान-3 के लॉन्चिंग पैड टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने बताया कि चंद्रयान-3 की सफलता के बाद उनकी बेटे से बात हुई।
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निखिल आनंद और उनका परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ के सेक्टर-42 सी में रहने वाले निखिल आनंद चंद्रयान-3 के लॉन्चिंग पैड टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने चंडीगढ़ में ही रहकर अपनी स्कूलिंग और एमटेक की पढ़ाई की है। इसके बाद दिसंबर 2021 में उनका इसरो में चयन हो गया। चंद्रयान 3 की सफलता के बाद उनके परिवार का कहना है कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है।
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निखिल आनंद के पिता वकील ललन कुमार ठाकुर ने बताया कि वह परिवार समेत सेक्टर-42सी में रहते हैं। निखिल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सेक्टर-35 के सरकारी स्कूल से की। इसके बाद सेक्टर-40 मॉडल से उन्होंने 12वीं पास की और फिर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीटेक किया।
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निखिल ने पंजाब यूनिवर्सिटी से एमटेक किया है। इसके बाद 16 दिसंबर 2021 को उनका इसरो में चयन हो गया। अब वह श्रीहरिकोटा में ही रहते हैं और चंद्रयान-3 के लॉन्चिंग पैड टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने बताया कि चंद्रयान-3 की सफलता के बाद उनकी बेटे से बात हुई। बेटे को सफलता पर बधाई दी। बेटे ने भी कहा कि यह अभी शुरुआत है।
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ललन कुमार ठाकुर ने कहा कि बेटे का इसरो में सिलेक्शन होना ही उनके लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था, क्योंकि वह एक साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। जब पता लगा था कि बेटे का इसरो में सिलेक्शन हो गया है और अब उसे श्रीहरिकोटा जाना होगा तो मां रोने लगी थी लेकिन उन्होंने हौसला बढ़ाते हुए बेटे को आगे बढ़ने और देश की सेवा करने को कहा। उन्होंने कहा कि बेटे को छुट्टी बड़ी मुश्किल से मिलती है, क्योंकि इसरो में कोई न कोई प्रोजेक्ट चलता रहता है। इसरो जाने के बाद सिर्फ एक बार ही बेटा चंडीगढ़ आया है। बताया कि पत्नी और बेटी शिखा दोनों एजी हरियाणा दफ्तर में कार्यरत हैं।