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Chandigarh News: सबूतों को मिटाने, जातिसूचक शब्द कहने पर एसएफएल के पूर्व डायरेक्टर पर मामला दर्ज

Wed, 20 Aug 2025 12:59 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Aug 2025 12:59 AM IST
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Case filed against former SFL director for destroying evidence, using casteist words
मोहाली। सबूतों को मिटाने और जातिसूचक शब्द कहने के मामले में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के पूर्व डायरेक्टर अश्वनी कालिया के खिलाफ मोहाली के थाना फेज-1 में मामला दर्ज किया गया है। पूर्व डायरेक्टर कालिया पर यह मामला डॉ. संदीप कौर (सहायक डायरेक्टर भौतिक/ऑडियो) की शिकायत पर दर्ज किया गया है। पूर्व डायरेक्टर को एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) के तहत मामले में नामजद किया है। इस मामले में अश्वनी कालिया की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।
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दरअसल, यह मामला पूर्व सेहत मंत्री एवं मानसा के विधायक विजय सिंगला से जुड़ा है। वर्ष 2022 में थाना फेज-8 में एक फीसदी कमीशन मांगने के आरोप में पूर्व सेहत मंत्री विजय सिंगला और प्रदीप कुमार पर मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में शिकायतकर्ता और विजय सिंगला की आपस में की गई बातचीत की रिकार्डिंग पुलिस ने एफएसएल में जांच के लिए भेजी थी। डॉ. अश्वनी पर आरोप है कि 3 जनवरी 2025 को लगभग 9.25 बजे जब वह अपने अधीनस्थ स्टाफ सदस्य के साथ हमेशा की तरह किए जाने वाले नियमित कार्यों पर चर्चा कर रहीं थीं, तब डॉ. अश्विनी कालिया (निदेशक) फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी पंजाब उनके कार्यालय कक्ष में आए और भौतिकी विभाग की मुहर और स्टांप मांगने लगे, जो कि न्यायालय में चेन कस्टडी बनाए रखने के लिए उनकी हिरासत में थे। उन्होंने डॉ. अश्वनी को बैठकर बात करने के लिए कहा तो उन्होंने अपने ही ज्ञात कारणों से अवैध रूप से हस्तक्षेप करके और पार्सल पर पहले से लगी उनकी आधिकारिक मुहरों को जाली बनाकर अंतिम रिपोर्ट को बदलने का दबाव बनाया। उनके स्टॉफ के सामने डॉ. संदीप कौर को जातिसूचक शब्द बोले, जिसके बाद फेज-1 थाने में शिकायत दी गई और मामला दर्ज करवाया।
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मौजूदा मामले में सहायक डायरेक्टर भौतिक/ऑडियो शिकायतकर्ता डॉ. संदीप कौर ने बताया कि वह एकमात्र अधिकारी है जो पिछले चार वर्षों से फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला पंजाब के भौतिकी प्रभाग में स्थापित ऑडियो यूनिट की देखभाल कर रही है। उसके द्वारा किए गए परीक्षा कार्य आज तक कभी किसी विवाद में नहीं आए, लेकिन 11 दिसंबर 2024 से निदेशक फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला पंजाब डॉ. अश्विनी कालिया ने ऑडियो यूनिट को ऑडियो यूनिट -1 और ऑडियो यूनिट-2 में विभाजित कर दिया। वर्ष 2021, 2022 और 2023 से संबंधित मामले ऑडियो यूनिट-2 को सौंपे गए जो उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जबकि वर्ष 2024 से संबंधित मामले डॉ. अश्विनी कालिया के अधिकार क्षेत्र में आने वाले ऑडी यूनिट-1 को सौंपे गए थे। डॉ. संदीप कौर ने बताया कि तीन पार्सल के साथ केस फाइल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी पंजाब के भौतिकी प्रभाग की ऑडियो इकाई में जांच के लिए प्राप्त हुई थी। 8 अगस्त 2024 को इसे अंतिम रूप दिया गया था। डॉ. अश्विनी कालिया केस से संबंधित फाइल मांग रहे थे। उन्होंने कहा कि मामला वर्ष 2022 से संबंधित है और ऑडियो यूनिट-2 के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. अश्विनी कालिया ने उनके अधीनस्थ कर्मचारियों को कई बार (चूंकि केस फाइल और केस के साक्ष्य उनके पास हैं) सीलबंद पार्सल को अवैध रूप से खोलने और केस की दोबारा जांच करने का निर्देश दिया था, जबकि उन्हें कई बार बताया जा चुका था कि जांच पहले ही पूरी हो चुकी है। हालांकि यह मामला हाई-प्रोफाइल है, लेकिन एफएसएल पंजाब के निदेशक डॉ. अश्विनी कालिया इसे बदलने का प्रयास कर रहे थे।
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