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शिअद विधायकों पर केस : अकाली दल ने कहा- हरियाणा सरकार का अलोकतांत्रिक कदम, यह परंपरा बहुत गलत
Tue, 16 Mar 2021 09:23 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 16 Mar 2021 09:23 PM IST
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डॉ. दलजीत सिंह चीमा।
- फोटो : फाइल फोटो।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का घेराव करने के मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेताओं पर हरियाणा सरकार द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के फैसले की अकाली दल ने कड़ी निंदा की है। शिअद के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि हरियाणा सरकार का यह कदम अलोकतांत्रिक है। राजनीति में जो असहनशीलता उभर रही और तंगदिली बढ़ रही है, यह उसका उदाहरण है।
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अकाली दल के नेताओं ने विधानसभा के बाहर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने मनोहर लाल से अपील की कि वे उस दिन का वीडियो निकालकर देखें, जब हरियाणा के विधायकों ने पंजाब विधानसभा के जारी सत्र के दौरान धावा बोला था और हमें पंजाब विधानसभा के दरवाजे बंद करने पड़े थे।
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हरियाणा के विधायक तब अंदर प्रवेश करने के लिए दरवाजे खटखटा रहे थे। उस समय भी पंजाब विधानसभा अध्यक्ष ने यह कहा था कि वे (हरियाणा के विधायक) लोगों के चुने हुए नुमाइंदे हैं और पड़ोसी राज्य के हैं। अगर वे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो हमें सहनशीलता दिखानी चाहिए। विरोध प्रदर्शन करना जनता के नुमाइंदों का हक है।
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चीमा ने कहा कि हरियाणा में किसानों पर जुल्म किया गया है, उनके खिलाफ हिंसा की गई है। ऐसे में अगर अकाली विधायकों ने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन कर दिया है तो ऐसा कौन सा जुर्म हो गया। उचित होता कि हरियाणा के मुख्यमंत्री अकाली विधायकों को बुलाकर उनकी बात सुनते और स्थिति स्पष्ट करते। अगर राजनीति में इस तरह पर्चे दर्ज कराने की परंपरा शुरू हो गई तो यह बहुत गलत है।