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Chandigarh News: हाईकोर्ट ने कहा- पति का जारी चेक अगर बाउंस होता है तो पत्नी के खिलाफ नहीं चलाया जा सकता केस
Sun, 03 Dec 2023 01:34 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 03 Dec 2023 01:34 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि चेक पर साइन न होने की स्थिति में याची के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की ही नहीं जा सकती। कानून के अनुसार चेक पर साइन करने वाले को ही आरोपी बनाया जा सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Istock
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विस्तार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बेहद अहम फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि पति के जारी चेक के बाउंस होने पर पत्नी के खिलाफ केवल इस आधार पर मामला नहीं चलाया जा सकता कि वह बैंक खाता संयुक्त था। पत्नी के चेक पर हस्ताक्षर नहीं हैं तो कानून उसके खिलाफ कार्रवाई की अनुमति नहीं देता। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने मोहाली निवासी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को रद्द करने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए शालू अरोड़ा ने बताया कि तनु बाथला ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत याची व उसके पति के खिलाफ अदालत को शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार याचिकाकर्ता व उसके पति रमन कुमार अरोड़ा ने शिकायतकर्ता से पांच लाख रुपये लिए थे और गारंटी के तौर पर एक चेक दिया था। जब इस चेक को बैंक में लगाया गया तो यह बैलेंस न होने के चलते बाउंस हो गया। शिकायत के आधार पर मोहाली के अदालत ने याची व उसके पति के खिलाफ समन आदेश जारी कर दिए। याची ने कहा कि जिस बैंक खाते का चेक जारी किया गया था, वह याची व उसके पति का संयुक्त खाता है लेकिन याची ने चेक पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
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सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि चेक पर साइन न होने की स्थिति में याची के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की ही नहीं जा सकती। कानून के अनुसार चेक पर साइन करने वाले को ही आरोपी बनाया जा सकता है और याचिकाकर्ता के चेक पर हस्ताक्षर नहीं थे। ऐसे में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को सिरे से रद्द कर दिया है। हालांकि, याची के पति के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की छूट दी है।
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