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नशे के आदियों का मुफ्त इलाज कराएगी कैप्टन सरकार, लेकिन सिर्फ इन्हें ही मिलेगा फायदा

Wed, 11 Jul 2018 09:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 11 Jul 2018 09:43 AM IST
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Captain government will provide free treatment for addicts to poor people
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : डेमो फोटो
 पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे सभी नशा मुक्ति केंद्रों में आर्थिक तौर पर कमजोर नशे के आदी को मुफ्त इलाज मुहैया करवाने का एलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस को आदेश दिए कि नशे के शिकंजे में फंसे लोगों या उनके परिवारों को किसी भी तरह तंग या परेशान न किया जाए।
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मंगलवार दोपहर पंजाब भवन में सिविल सर्जनों, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और सरकारी मेडिकल कालेजों के प्रिंसिपलों के साथ एक उच्चस्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने नशा छुड़ाने के मुफ्त इलाज के लिए जरूरी फंड यकीनी बनाने के लिए अपने मुख्य प्रमुख सचिव को निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि यह फंड तुरंत संबंधित डिप्टी कमिश्नरों के इख्तियार पर रख दिए जाएं।
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कैप्टन ने कहा कि यदि इस संबंध में और फंड की जरूरत हुई तो वह मुख्यमंत्री राहत फंड में से इसके लिए स्वीकृति देंगे। उन्होंने मशहूर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाओं से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की संभावनाओं का पता लाने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए। मीटिंग में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एनएस कलसी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सतीश चंद्रा, आईजी/एसटीएफ आरके जैसवाल, एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर) ईश्वर सिंह, पंजाब राज्य स्वास्थ्य निगम के डायरेक्टर वरुण रूज़म, अतिरिक्त सचिव (स्वास्थ्य) बी. श्रीनिवासन और डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं जसपाल कौर भी उपस्थित थे। 
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नशे से लड़ने के लिए केंद्र से राज्य मांग सकता है फंड
नशे की तस्करी को एक अंतरराष्ट्रीय समस्या मानते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यह मुद्दा निजी तौर पर प्रधानमंत्री के पास उठाएंगे और राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से पंजाब में नशे और नशीली दवाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के लिए केंद्र की तरफ से कोशिशों को तेज किए जाने की अपील करेंगे क्योंकि नशे की तस्करी के साथ पंजाब सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।

आईजी (एसटीएफ) ने मीटिंग के दौरान बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत यह व्यवस्था है कि नशे के विरुद्ध लड़ाई के लिए राज्य सरकार की कोशिशों के लिए केंद्र से फंडों की माँग की जा सकती है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को कहा कि वह यह मुद्दा सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण संबंधी केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष उठाएं। 

 

मिल सकती है मुफ्त बस यात्रा सुविधा

Captain government will provide free treatment for addicts to poor people
सांकेतिक चित्र - फोटो : YouTube
मीटिंग के दौरान उठाई गई एक अन्य मांग के संबंध में कैप्टन ने कैंसर मरीजों की तर्ज पर नजदीक के नशा मुक्ति केंद्रों में जाने वाले गरीब लोगों और उनकी देखभाल करने वाले एक व्यक्ति के लिए सरकारी बस में मुफ्त यात्रा करने की सुविधा मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसपोर्ट विभाग के साथ विचार-विमर्श के बाद रूप-रेखा तैयार करने के लिए कहा है जिससे इनको यह सुविधा दी जा सके।

नशा मुक्ति केंद्रों में पुलिस के जाने पर लगेगी रोक
नशा मुक्ति केंद्रों में आने वाले नशे के आदी के संबंध में पुलिस द्वारा एकदम जांच शुरू करने संबंधी आ रही रिपोर्टों का मुख्यमंत्री ने गंभीर नोटिस लिया है। उन्होंने इन केंद्रों में किसी भी पुलिस कर्मचारी के दाख़िल होने के विरुद्ध अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को सख्त आदेश जारी करने के निर्देश दिए। कैप्टन ने नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित दवाएं खुलेआम बेचने वाले कसूरवार केमिस्टों के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत पर भी जोर दिया। 

निजी अस्पतालों में सरकारी दर पर मिले इलाज
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि नशे के शिकंजे में फंसे नौजवानों के इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों, मेडिकल व शिक्षा संस्थाओं की सेवाएं हासिल करने के लिए विधि विधान तैयार किया जाए, जो तय सरकारी दरों के मुताबिक इलाज मुहैया करवाएं। 

पुष्पा गुजरात यूनिवर्सिटी में नशे पर विशेष गैलरी बनेगी
कपूरथला के नशा मुक्ति केंद्र के इंचार्ज डा. संदीप भोला ने नशे की कुरीति और इसकी रोकथाम संबंधी विद्यार्थियों में जागरूकता पैदा करने के लिए कपूरथला में पुष्पा गुजराल यूनिवर्सिटी में विशेष गैलरी स्थापित करने के लिए पाँच लाख रुपये देने की माँग की। स्वास्थ्य मंत्री ने इस राशि को तुरंत स्वीकृति दे दी।
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