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14 से 23 जून तक होगा कैप्टन सरकार का पहला बजट सत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 08 Jun 2017 09:13 AM IST
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
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कैप्टन सरकार अपना पहला बजट बीस जून को पेश करेगी। विधानसभा का बजट सत्र 14 से 23 जून तक होगा। बुधवार को पंजाब कैबिनेट ने बजट सत्र बुलाने को मंजूरी दे दी।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में हुई कैबिनेट की मीटिंग में बजट सत्र पर चर्चा की गई।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विधानसभा का बजट सत्र 14 से 23 जून के बीच बुलाने को राज्यपाल को सिफारिश भेजने का फैसला किया गया। बजट सत्र का आगाज 14 जून को दोपहर दो बजे होगा। इस दिन दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी। 23 जून को प्रस्तावित वैधानिक कामकाज के बाद विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा 16 और 19 जून को होगी।
गौरतलब है कि विधानसभा के पहले सत्र में राज्यपाल ने अभिभाषण दिया था। लेकिन इस पर उस सत्र में चर्चा नहीं कराई गई थी। जिसका आम आदमी पार्टी और शिअद-भाजपा ने विरोध भी किया था। सरकार बजट सत्र के दौरान किसानों केलिए कोई अहम एलान करने के मूड में है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले ही संकेत दिए थे कि सरकार चुनावी वादों को पूरा करने को तत्पर है। एक दिन पहले वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने भी स्पष्ट किया था कि खजाने की स्थिति को देखते हुए चाहे कम ही सही, लेकिन किसानों के लिए कुछ न कुछ किया जरूर जाएगा। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने भी संकेत दिए कि किसानों का कर्ज माफ करने की दिशा में सरकार जल्द ही फैसला लेगी।
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सिर्फ छह दिन का सत्र क्यों : फूलका
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी नेता एचएस फूलका ने सवाल उठाया है कि सरकार ने सिर्फ छह दिन का बजट सत्र क्यों बुलाया है। जबकि, लोक हित के कई मुद्दों पर चर्चा जरूरी है। पहले दिन सिर्फ श्रद्धांजलि दी जाएगी। चार दिन पूरे दिन की कार्यवाही होगी और तीन दिन सिर्फ आधे दिन ही कार्यवाही होगी। इस तरह सिफ छह दिन ही सत्र चलेगा। फूलका ने कहा कि राज्यपाल केअभिभाषण, बजट, किसान आत्महत्याएं, कर्ज माफी, नौकरियां, नशे, रेत खदानों का बोली विवाद समेत कई मुद्दों पर चर्चा केलिए इतना समय काफी नहीं है।
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में हुई कैबिनेट की मीटिंग में बजट सत्र पर चर्चा की गई।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विधानसभा का बजट सत्र 14 से 23 जून के बीच बुलाने को राज्यपाल को सिफारिश भेजने का फैसला किया गया। बजट सत्र का आगाज 14 जून को दोपहर दो बजे होगा। इस दिन दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी। 23 जून को प्रस्तावित वैधानिक कामकाज के बाद विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा 16 और 19 जून को होगी।
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गौरतलब है कि विधानसभा के पहले सत्र में राज्यपाल ने अभिभाषण दिया था। लेकिन इस पर उस सत्र में चर्चा नहीं कराई गई थी। जिसका आम आदमी पार्टी और शिअद-भाजपा ने विरोध भी किया था। सरकार बजट सत्र के दौरान किसानों केलिए कोई अहम एलान करने के मूड में है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले ही संकेत दिए थे कि सरकार चुनावी वादों को पूरा करने को तत्पर है। एक दिन पहले वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने भी स्पष्ट किया था कि खजाने की स्थिति को देखते हुए चाहे कम ही सही, लेकिन किसानों के लिए कुछ न कुछ किया जरूर जाएगा। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने भी संकेत दिए कि किसानों का कर्ज माफ करने की दिशा में सरकार जल्द ही फैसला लेगी।
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सिर्फ छह दिन का सत्र क्यों : फूलका
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी नेता एचएस फूलका ने सवाल उठाया है कि सरकार ने सिर्फ छह दिन का बजट सत्र क्यों बुलाया है। जबकि, लोक हित के कई मुद्दों पर चर्चा जरूरी है। पहले दिन सिर्फ श्रद्धांजलि दी जाएगी। चार दिन पूरे दिन की कार्यवाही होगी और तीन दिन सिर्फ आधे दिन ही कार्यवाही होगी। इस तरह सिफ छह दिन ही सत्र चलेगा। फूलका ने कहा कि राज्यपाल केअभिभाषण, बजट, किसान आत्महत्याएं, कर्ज माफी, नौकरियां, नशे, रेत खदानों का बोली विवाद समेत कई मुद्दों पर चर्चा केलिए इतना समय काफी नहीं है।