सेना से लेकर सियासत तक कैप्टन, हर जंग में रहे हैं योद्धा
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कैप्टन अमरिंदर सिंह का जन्म 11 मार्च 1942 को हुआ था। यह इत्तेफाक है कि मौजूदा विधानसभा चुनाव को वह अपना आखिरी चुनाव बता रहे हैं और चुनाव का नतीजा भी उनके जन्मदिन पर 11 मार्च को आना है।
निजी जीवन
कैप्टन का जन्म पटियाला राजघराने के महाराजा यादविंदर सिंह और महारानी मोहिंदर कौर के घर हुआ था। उनकी बड़ी बहन हेमिंदर कौर का विवाह दिग्गज कांग्रेसी नेता नटवर सिंह के साथ हुआ था।
अमरिंदर सिंह का विवाह परनीत कौर के साथ हुआ। जोकि हिमाचल प्रदेश के शीर्ष ब्यूरोक्रेट की बेटी हैं। परनीत कौर केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री भी रहीं। परनीत कौर की बहन का विवाह शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान के साथ हुआ था। कैप्टन अमरिंदर के पुत्र रणइंदर सिंह और पुत्री जया इंदर सिंह हैं। जया इंदर सिंह का विवाह दिल्ली के उद्योगपति गुरपाल सिंह के साथ हुआ।
आर्मी करिअर
कैप्टन अमरिंदर ने सनावर और दून जैसे नामी स्कूलों में पढ़ाई के बाद 1963 में सेना ज्वाइन की। पर 1965 की शुरुआत में छोड़ दी। लेकिन 1965 में भारत-पाक युद्ध छिड़ने पर उन्होंने दोबारा आर्मी ज्वाइन की।
ऐसा रहा है सियासी सफर
सियासी करिअर
कैप्टन अमरिंदर को सियासत में उनके दून स्कूल के साथी और पूर्व पीएम राजीव गांधी लाए और वह 1980 में पहली बार पटियाला से लोक सभा सदस्य बने।
उन्होंने 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में कांग्रेस और संसद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद शिरोमणि अकाली दल ज्वाइन किया, तलवंडी साबो से विधानसभा चुनाव लड़ा और खेतीबाड़ी मंत्री बने।
1992 में उन्होंने शिअद छोड़ कर शिअद-पंथक बनाया, जिसका 1998 में कांग्रेस में विलय हो गया। जब कैप्टन की पार्टी बुरी तरह हारी, उन्हें अपने हलके में सिर्फ 856 वोट मिले।
कैप्टन 1999 से 2002 और 2010 से 2013 तक प्रदेश कांग्रेस प्रधान रहे। वहीं, 2002 से 2007 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। 2008 में अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले के मामले में विधानसभा कमेटी ने उनकी सदस्यता खारिज कर दी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया।
लोकसभा चुनाव में जेटली को दी मात
2013 से वह कांग्रेस वर्किंग कमेटी के स्थायी इनाइटी हैं। 2014 के लोक सभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के दिग्गज अरुण जेटली को अमृतसर सीट से एक लाख से भी ज्यादा अंतर से हराया था।
वह पटियाला शहरी से तीन, समाना व तलवंडी साबो से एक-एक बार विधानसभा के सदस्य चुने गए। 2017 के विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस का चेहरा हैं।
पुस्तकें
कैप्टन अमरिंदर ने युद्धों और सिख इतिहास पर कई किताबें लिखी हैं। जिनमें अ रिज टू फार, लेट्स वी फॉरगेट, द लास्ट सनसेट-राइज एंड फाल ऑफ लाहौर दरबार, द सिख्स इन ब्रिटेन - 150 इयर्स ऑफ फोटोग्राफ्स के साथ-साथ हालिया रिलीज द मानसून वार शामिल हैं।