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कैप्टन बोले- दंगों में कांग्रेस के सदस्य शामिल थे, पार्टी नहीं, तो सुखबीर बोले- मंत्री क्यों बनाया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 28 Aug 2018 01:59 PM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को 1984 के सिख दंगों का मुद्दा छाया रहा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा पिछले दिनों दिए बयान को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने तीखे तेवर दिखाए। साथ ही नारेबाजी करते हुए वाकआउट कर दिया। वहीं सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद कांग्रेस के बचाव में आए। उन्होंने कहा कि एचकेएल भगत, सज्जन कुमार आदि नेता पार्टी के मेंबर थे। ये सभी निजी तौर पर दंगों में शामिल थे, पार्टी नहीं थी। इस पर पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने सवाल उठाया कि अगर ऐसा था तो इन नेताओं को टिकट क्यों दी गई थी और मंत्री क्यों बनाया गया।
शून्यकाल में अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया ने कुछ अखबारों की सुर्खियां दिखाते कहा कि राहुल गांधी ने बयान दिया है कि सिख दंगों में कांग्रेस का हाथ नहीं है। जबकि, कांग्रेस ने उस समय सिखों को मारने का नारा दिया था। इस पर अकालियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सीएम ने कहा कि मेरी बात तो सुनो, बोलने तो दो। जब अकाली शांत हुए तो सीएम ने कहा कि उस समय बरनाला सरकार थी। दंगों की खबर आते ही बरनाला और बलवंत सिंह दिल्ली गए, पर उन्हें पालम एयरपोर्ट से ही लौटा दिया गया।
मैं, रवि इंदर सिंह, मेरे भाई मालविंदर सिंह और रंधीर सिंह, रवि इंदर के जहाज से गए और चार दिन दिल्ली घूमे। बुरा हाल था, लाशें नजर आ रही थीं। लोग गुरुद्वारा रकाबगंज में इकट्ठे होने लगे थे। कुछ बेहद सदमे में थे, पर कुछ ने बात की। उन्होंने एचकेएल भगत, सज्जन कुमार, अर्जुन दास, धरम दास शास्त्री का नाम लिया था। 1984 से आज तक मैं यही नाम लेता आया हूं। ये कांग्रेस पार्टी के मेंबर थे, निजी तौर पर दंगों में शामिल थे, पार्टी नहीं थी। इस पर सुखबीर बादल ने कहा कि एक चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में जगदीश टाइटलर ने कहा है कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को अपनी गाड़ी में बैठा कर घुमाया। तो सीएम ने टोका कि राजीव तब बंगाल में थे, वे रात को दिल्ली आए थे।
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सुखबीर ने फिर कहा कि इजाजत दें तो वे यहां टीवी लगा कर टाइटलर का स्टिंग दिखा सकते हैं। फिर उन्होंने कहा कि अगर सीएम जिन लोगों के नाम ले रहे हैं, कांग्रेस ने उन्हें टिकट क्यों दी, मंत्री क्यों बनाया। इसके साथ ही नारेबाजी करते हुए अकाली वेल में आ गए। इस दौरान कांग्रेस के नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि दोषियों पर केस चल रहे हैं। चार साल से केंद्र में एनडीए की सरकार है, सजा क्यों नहीं दिला रही हैं। वहीं आप विधायक एचएस फूलका ने कहा कि दिल्ली में पांच हजार फौज थी, अगर लगाते तो दो हजार सिख बच सकते थे। पर कांग्रेस सिखों को मारना चाहती थी। इसी बीच नारेबाजी करते हुए अकालियों ने वाकआउट कर दिया।
कैप्टन बोले- दंगों के समय मजीठिया थे आठ साल के और कैलिफोर्निया में थे सुखबीर
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दोनों प्रमुख अकाली नेताओं को टोका। पहले उन्होंने बिक्रम मजीठिया से कहा कि वे सिख दंगों के इस मामले पर कैसे कमेंट कर सकते हैं, वे तब सिर्फआठ साल के थे। फिर सुखबीर बादल से कहा कि वे तब कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे। इस पर सुखबीर ने कहा कि वे यहीं थे, उन्हें पानीपत से लौटा दिया गया था।
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शून्यकाल में अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया ने कुछ अखबारों की सुर्खियां दिखाते कहा कि राहुल गांधी ने बयान दिया है कि सिख दंगों में कांग्रेस का हाथ नहीं है। जबकि, कांग्रेस ने उस समय सिखों को मारने का नारा दिया था। इस पर अकालियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सीएम ने कहा कि मेरी बात तो सुनो, बोलने तो दो। जब अकाली शांत हुए तो सीएम ने कहा कि उस समय बरनाला सरकार थी। दंगों की खबर आते ही बरनाला और बलवंत सिंह दिल्ली गए, पर उन्हें पालम एयरपोर्ट से ही लौटा दिया गया।
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मैं, रवि इंदर सिंह, मेरे भाई मालविंदर सिंह और रंधीर सिंह, रवि इंदर के जहाज से गए और चार दिन दिल्ली घूमे। बुरा हाल था, लाशें नजर आ रही थीं। लोग गुरुद्वारा रकाबगंज में इकट्ठे होने लगे थे। कुछ बेहद सदमे में थे, पर कुछ ने बात की। उन्होंने एचकेएल भगत, सज्जन कुमार, अर्जुन दास, धरम दास शास्त्री का नाम लिया था। 1984 से आज तक मैं यही नाम लेता आया हूं। ये कांग्रेस पार्टी के मेंबर थे, निजी तौर पर दंगों में शामिल थे, पार्टी नहीं थी। इस पर सुखबीर बादल ने कहा कि एक चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में जगदीश टाइटलर ने कहा है कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को अपनी गाड़ी में बैठा कर घुमाया। तो सीएम ने टोका कि राजीव तब बंगाल में थे, वे रात को दिल्ली आए थे।
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सुखबीर ने फिर कहा कि इजाजत दें तो वे यहां टीवी लगा कर टाइटलर का स्टिंग दिखा सकते हैं। फिर उन्होंने कहा कि अगर सीएम जिन लोगों के नाम ले रहे हैं, कांग्रेस ने उन्हें टिकट क्यों दी, मंत्री क्यों बनाया। इसके साथ ही नारेबाजी करते हुए अकाली वेल में आ गए। इस दौरान कांग्रेस के नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि दोषियों पर केस चल रहे हैं। चार साल से केंद्र में एनडीए की सरकार है, सजा क्यों नहीं दिला रही हैं। वहीं आप विधायक एचएस फूलका ने कहा कि दिल्ली में पांच हजार फौज थी, अगर लगाते तो दो हजार सिख बच सकते थे। पर कांग्रेस सिखों को मारना चाहती थी। इसी बीच नारेबाजी करते हुए अकालियों ने वाकआउट कर दिया।
कैप्टन बोले- दंगों के समय मजीठिया थे आठ साल के और कैलिफोर्निया में थे सुखबीर
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दोनों प्रमुख अकाली नेताओं को टोका। पहले उन्होंने बिक्रम मजीठिया से कहा कि वे सिख दंगों के इस मामले पर कैसे कमेंट कर सकते हैं, वे तब सिर्फआठ साल के थे। फिर सुखबीर बादल से कहा कि वे तब कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे। इस पर सुखबीर ने कहा कि वे यहीं थे, उन्हें पानीपत से लौटा दिया गया था।