फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   captain amrinder singh statement about punjab water

पंजाब का पानी दिया तो बिगड़ेगा माहौल: कैप्टन

Fri, 03 Apr 2015 02:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 03 Apr 2015 02:56 PM IST
विज्ञापन
captain amrinder singh statement about punjab water

लोक सभा में कांग्रेस के उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आशंका जताई है कि अगर पंजाब का पानी दिया गया तो प्रदेश का माहौल फिर बिगड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है।

विज्ञापन


वीरवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कैप्टन ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि उमा ने बयान दिया है कि वह 45 दिनों में पंजाब-हरियाणा के पानी का मसला सुलझा लेंगे। शायद उन्हें पता नहीं है कि यह केस सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है।
विज्ञापन


उमा भारती को पंजाब का इतिहास भी नहीं पता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर कई साल पहले विवाद हुआ था, पंजाब ने आतंकवाद के काले दिन देखे। उस समय मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल खुद आंदोलन का हिस्सा थे। सब कुछ जानते हुए भी बादल अब चुप हैं। उन्हें इस बयान पर पीएम और उमा भारती से ऐतराज जताना चाहिए था। पर वह दिल्ली के दबाव में पंजाब के हित बेच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजाब में पीने और सिंचाई के लिए पानी ही नहीं है। कैप्टन ने कहा कि 2004 में उन पर पानी को लेकर दबाव पड़ा था। उस समय उन्होंने पंजाब के हित में पुराने समझौते रद्द कर दिए थे। शिअद ने भी बिल के पक्ष में वोटिंग की थी। उन्होंने कहा कि बादल को चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट में केस की मजबूत पैरवी कराएं। उन्होंने आशंका जताई कि बादल, भाजपा के दबाव में पंजाब के हितों के साथ समझौता कर सकते हैं। कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस इसका डट कर विरोध करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने पंजाब का पानी दिया तो जोरदार आंदोलन छेड़ा जाएगा।


गिरदावरी के बाद मुआवजा नहीं देती सरकार
चंडीगढ़। कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि उनके कार्यकाल में हर गिरदावरी के बाद किसानों को मुआवजा दिया गया। लेकिन सीएम प्रकाश सिंह बादल सिर्फ स्पेशल गिरदावरी कराते हैं। एक बार भी किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया। बादल यहां कुछ कहते हैं, दिल्ली जाकर कुछ और करते हैं। यहां विरोध किया और संसद में भूमि अधिगृहण बिल के पक्ष में वोट डाले। उन्होंने आशंका जताई कि इस बार एफसीआई खरीद नहीं करेगी, गेहूं के रेट एमएसपी से भी नीचे जाएंगे। गुजरात के किसानों पर भी आज तक बादल ने कुछ नहीं किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed