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पूर्व सैनिक सुसाइडः कैप्टन ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, बोले- केंद्र दखल दे

Fri, 04 Nov 2016 08:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 04 Nov 2016 08:02 PM IST
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captain amrinder and congress leaders give memorandum to governor in ramkishan suicide case
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह
पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल की सुसाइड के मामले में कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेसियों ने ज्ञापन सौंपकर कर्रावाई किए जाने की मांग की। दिल्ली में पूर्व सैनिक सूबेदार रामकिशन ग्रेवाल की आत्महत्या को लेकर सियासत गर्माई है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस वर्करों ने सभी जिलों में रोष प्रदर्शन किए। वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में पार्टी नेताओं और पूर्व सैनिकों ने राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को ज्ञापन सौंपा।
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कांग्रेस ने सूबेदार ग्रेवाल के परिवार को न्याय दिलाने के लिए केंद्र सरकार से दखल देने की मांग की। कैप्टन ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक ढांचा पूरी तरह ढह चुका है। सूबेदार द्वारा आत्महत्या के मद्देनजर हालातों को लेकर पार्टी की चिंता केंद्र सरकार तक पहुंचाई जाए। रामकिशन के परिजनों को परेशान करने वाले, हिरासत में लेकर मारपीट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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राज्यपाल ने उन्हें भरोसा दिया कि जल्द से जल्द ज्ञापन केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, सरकार का जवाब आते ही उन्हें मुहैया करा दिया जाएगा। कैप्टन ने कहा कि वन रैंक वन पेंशन पर सूबेदार रामकिशन द्वारा आत्महत्या रक्षा सेनाओं के लिए आखिरी रास्ता बन गया है, जिनके मनोबल को हाल ही में रक्षा मंत्रालय द्वारा नोटिफिकेशन से धक्का पहुंचाया गया। सातवें वेतन आयोग में भी उनके साथ पक्षपात किया गया।
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मुद्दा ये है कि उन्हें यह कदम क्यों उठाना पड़ा?

captain amrinder and congress leaders give memorandum to governor in ramkishan suicide case
कांग्रेस विधायकों के धरने में पहुंचे कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
लेफ्टिनेंट जनरल शेरगिल ने शहादत को लेकर विवाद पर कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि वह शहीद है या नहीं। मुद्दा यह है कि किस कारण उन्हें यह गंभीर कदम उठाना पड़ा। अंबिका सोनी ने कहा कि सातवें वेतन आयोग में रक्षा सेनाओं से कोई प्रतिनिधि न लिए जाना बताता है कि केंद्र उनकी समस्याओं को लेकर कितना गंभीर है।

उन्होंने ओआरओपी के मुद्दे पर देश को गुमराह करने और सूबेदार राम किशन को आत्महत्या के रास्ते पर धकेलने के लिए रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर को बर्खास्त करने की मांग की। कैप्टन ने कहा कि सूबेदार राम किशन के परिजनों के साथ दिल्ली पुलिस के बेरहम बर्ताव को किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता। यहां तक कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी बार-बार अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया।

हालातों के मद्देनजर यह जरूरी हो जाता है कि प्रधानमंत्री मामले में दखल दें। पूर्व सैनिकों को ऐसे हालात में धकेलने वाले परिकर और दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई के आदेश दें। अगर पीएम ऐसा नहीं करते हैं तो लोग आगे आकर अनुचित अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाएंगे। इस मौके पर आशा कुमारी, संतोष चौधरी, लाल सिंह, चरनजीत चन्नी, तृप्त रजिंदर बाजवा, कर्नल भाग सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल जेएस धालीवाल भी मौजूद थे।
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