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कैप्टन का कड़ा जवाब, जंग पर मुहतोड़ जवाब देने को तैयार रहे भारत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 20 Sep 2016 01:53 AM IST
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
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प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि सरकार को पाकिस्तान और कश्मीर के कट्टरपंथियों के खिलाफ दो-आयामी जवाबी रणनीति पर काम करना चाहिए। तभी कश्मीर में शांति स्थापित हो सकती है और आतंकी हमलों को रोका जा सकता है।
अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन ने कहा कि अचानक जंग की स्थिति में दुश्मन को मुहमोड़ जवाब देने के लिए भारत के पास सभी विकल्प मौजूद रहने चाहिए। यह सेना का मनोबल बढ़ाने का मुद्दा है, क्योंकि उड़ी हमले में बीस फौजी मारे जा चुके हैं और 70 घायल हैं। यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत को भी इजराइल की तर्ज पर कार्रवाई करनी चाहिए। पाकिस्तान के रक्षामंत्री द्वारा न्यूक्लियर हथियार इस्तेमाल करने की धमकी देने के सवाल पर कैप्टन ने कहा कि भारत भी न्यूक्लियर शक्ति है। हमारे पास उनसे कहीं ज्यादा और कारगर न्यूक्लियर हथियार हैं। सिर्फ इसलिए कि कोई हमें अपने डर की वजह से धमकी दे रहा है, इसका यह मतलब नहीं है कि हमें जवाबी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।
कैप्टन ने कहा कि सरकार की कमजोर नीति की वजह से ही कश्मीरी कट्टरपंथियों के हौसले बढ़े हैं। जब तक उनकी कमर नहीं तोड़ी जाएगी, वे बातचीत के लिए नहीं आएंगे। सरकार को तुष्टिकरण की नीति बंद कर देनी चाहिए। जब तक वहां आतंक की कमर नहीं तोड़ी जाए, किसी से भी बात नहीं की जानी चाहिए। ऐसे हालातों में गुडविल मिशन का कोई नतीजा नहीं निकलेगा। इस बात को देश की कमजोरी के रूप में लिया जाएगा। कैप्टन ने कहा कि उड़ी हमले के मामले में गहन जांच की जानी चाहिए। कमांडिंग अफसर और ब्रिगेड कमांडेंट पर कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि उनके स्तर पर गंभीर लापरवाही बरती गई है।
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अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन ने कहा कि अचानक जंग की स्थिति में दुश्मन को मुहमोड़ जवाब देने के लिए भारत के पास सभी विकल्प मौजूद रहने चाहिए। यह सेना का मनोबल बढ़ाने का मुद्दा है, क्योंकि उड़ी हमले में बीस फौजी मारे जा चुके हैं और 70 घायल हैं। यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत को भी इजराइल की तर्ज पर कार्रवाई करनी चाहिए। पाकिस्तान के रक्षामंत्री द्वारा न्यूक्लियर हथियार इस्तेमाल करने की धमकी देने के सवाल पर कैप्टन ने कहा कि भारत भी न्यूक्लियर शक्ति है। हमारे पास उनसे कहीं ज्यादा और कारगर न्यूक्लियर हथियार हैं। सिर्फ इसलिए कि कोई हमें अपने डर की वजह से धमकी दे रहा है, इसका यह मतलब नहीं है कि हमें जवाबी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।
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कैप्टन ने कहा कि सरकार की कमजोर नीति की वजह से ही कश्मीरी कट्टरपंथियों के हौसले बढ़े हैं। जब तक उनकी कमर नहीं तोड़ी जाएगी, वे बातचीत के लिए नहीं आएंगे। सरकार को तुष्टिकरण की नीति बंद कर देनी चाहिए। जब तक वहां आतंक की कमर नहीं तोड़ी जाए, किसी से भी बात नहीं की जानी चाहिए। ऐसे हालातों में गुडविल मिशन का कोई नतीजा नहीं निकलेगा। इस बात को देश की कमजोरी के रूप में लिया जाएगा। कैप्टन ने कहा कि उड़ी हमले के मामले में गहन जांच की जानी चाहिए। कमांडिंग अफसर और ब्रिगेड कमांडेंट पर कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि उनके स्तर पर गंभीर लापरवाही बरती गई है।
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