फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Captain Amarinder Singh comments on Navjot Sidhu

फिर भड़के कैप्टन: सिद्धू पर साधा निशाना, बोले- लोग मेरे खिलाफ नहीं थे, नवजोत ने पूरा खेल रचा

Sat, 02 Oct 2021 07:54 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 02 Oct 2021 07:54 PM IST
सार

पंजाब कांग्रेस में चल रही कलह के बीच रोजाना नई बयानबाजी हो रही है। पहले हरीश रावत ने कैप्टन के अपमान की बात को नकारा तो वहीं शनिवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पंजाब के विधायक अमरिंदर के खिलाफ थे। अब कैप्टन ने इसका जवाब दिया है।

विज्ञापन
Captain Amarinder Singh comments on Navjot Sidhu
कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : ANI

विस्तार

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि ऐसा लगता है कि पूरी कांग्रेस नवजोत सिंह सिद्धू की तरह कॉमेडी करने पर उतर आई है। यह बात उन्होंने कांग्रेस नेताओं- हरीश रावत और रणदीप सुरजेवाला द्वारा पार्टी नेतृत्व के बचाव में दिए जा रहे अलग-अलग आंकड़ों को देखते हुए कही। कैप्टन ने दोनों की बयानबाजी को गलतियों की कॉमेडी करार दिया।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें - किसानों की मांग पूरी: सरकार का यू-टर्न, हरियाणा और पंजाब में कल से ही शुरू होगी धान की खरीद
विज्ञापन

 

पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार को एक बयान में कहा था कि पंजाब के 43 कांग्रेस विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र के आधार पर पार्टी हाईकमान ने कैप्टन के खिलाफ कार्रवाई की है। वहीं शनिवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बयान जारी कर कहा कि पंजाब के 78 विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र के आधार पर कैप्टन के खिलाफ कार्रवाई की गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन


कैप्टन ने ट्वीट करते हुए चुटकी ली कि आगे वे दावा करेंगे कि 117 विधायकों ने ही पार्टी को मेरे खिलाफ पत्र लिख दिया था! पंजाब में पार्टी संकट से निपटने की कोशिश में नेताओं द्वारा की जा रही झूठी बयानबाजी के लिए कांग्रेस को फटकार लगाते हुए कैप्टन ने कहा कि उनके खिलाफ पार्टी नेतृत्व को मिले पत्रों पर हस्ताक्षर करने वालों के अलग-अलग आंकड़े यह साबित कर रहे हैं कि कांग्रेस नेताओं में आत्मविश्वास की कमी है। कैप्टन ने कहा कि पार्टी में यह स्थिति है कि वे अपने झूठ का भी ठीक से समन्वय नहीं कर पाते हैं। 

कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से अस्त-व्यस्त स्थिति में है और संकट दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक बड़े वर्ग का पार्टी के कामकाज से मोहभंग हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की सच्चाई यह थी कि उक्त पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 43 विधायकों को दबाव में ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया था।

 

कांग्रेस पूरी तरह दहशत में

कैप्टन ने कहा कि पंजाब संकट से निपटने के अपने कुप्रबंधन के बाद कांग्रेस अब पूरी तरह से दहशत की स्थिति में है, जो उसके नेताओं के बयानों से स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि दहशत से त्रस्त पार्टी आंतरिक अराजकता से जूझ रही है और अपनी विफलताओं के दोष को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा कि यह देखकर दुख होता है कि किस तरह से वे अपने गलत कामों को सही ठहराने के लिए खुलेआम झूठ का सहारा ले रहे हैं। 

कैप्टन ने दिया, 2017 से जीत का हिसाब
कैप्टन ने कहा कि 2017 के बाद से कांग्रेस ने उनकी सरकार के नेतृत्व में पंजाब में हर चुनाव में जीत हासिल की, जो पार्टी नेतृत्व द्वारा किए जा रहे दावों के बिल्कुल विपरीत है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने अभूतपूर्व 77 सीटें जीती थीं। 2019 के उपचुनाव में, कांग्रेस ने 4 में से 3 सीटें जीतीं, यहां तक कि सुखबीर बादल के गढ़ जलालाबाद से भी जीत हासिल की।

2019 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने देश में भाजपा की भारी लहर के बावजूद 13 में से 8 सीटों पर जीत हासिल की। उन्होंने आगे कहा कि इस साल फरवरी में 7 नगर निगम चुनावों में कांग्रेस ने 350 में से 281 सीटों (80.28 फीसदी) पर जीत हासिल की जबकि नगर परिषद चुनावों में पार्टी ने 109 में से 97 सीटें जीतीं। इनमें पार्टी 2965 वार्डों में से 1486 में (68 फीसदी) में विजयी रही।

कांग्रेस को चुकानी होगी भारी चुनावी कीमत

कैप्टन ने आरोप लगाया कि साफ हो गया है कि पंजाब के लोगों ने उन पर भरोसा नहीं खोया है, जैसा सुरजेवाला ने दावा किया था।  पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे मामले को नवजोत सिंह सिद्धू के इशारे पर कुछ नेताओं/विधायकों द्वारा सुनियोजित किया गया था। कैप्टन ने कहा कि बरगाड़ी जैसे संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दे और उसके बाद पुलिस फायरिंग के मामलों पर भी हरीश रावत ने जो झूठ बोला, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी को इन झूठों के लिए राज्य में भारी चुनावी कीमत चुकानी पड़ेगी। कैप्टन ने कहा कि उनके आरोप के अनुसार, अगर बादल के साथ मेरा हाथ मिला होता, तो मैं उन्हें अदालतों में लड़ने में पिछले 13 साल नहीं लगाता। 

बेअदबी के मामले सुलझाने का किया दावा
बेअदबी के मामलों में कार्रवाई नहीं करने के आरोपों को खारिज करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2017 में कार्यभार संभालने के बाद, उनकी सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के सभी 3 प्रमुख मामलों को सुलझाने में सफल रही, जो जून-अक्तूबर 2015 के बीच हुए थे। वास्तव में, बेअदबी की घटनाओं के वांछित तीन मुख्य आरोपी (मोहिंदर पाल उर्फ बिट्टू, सुखजिंदर सिंह उर्फ सनी और शक्ति सिंह) को कांग्रेस सरकार के सत्ता संभालने के 16 महीने के भीतर 5 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।


इसके अलावा, कोटकपूरा और बहिबल कलां फायरिंग मामलों में, कांग्रेस द्वारा राज्य की बागडोर संभालने के दो साल के भीतर, आईजीपी परमराज उमरांनगल और एसएसपी चंद्रजीत शर्मा सहित वरिष्ठतम पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले में डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और पूर्व विधायक मंतर सिंह बराड़ समेत करीब 12 लोगों को नामजद कर चार्जशीट किया गया है। इन दोनों मामलों में 7 आरोपपत्र दायर किए गए थे, लेकिन इनमें से कुछ को हाईकोर्ट ने अटका दिया था। उन्होंने कहा कि इन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं होने का पूरा ड्रामा सिद्धू और उनके सहयोगियों द्वारा रचा गया था, जिनका एकमात्र हित किसी भी तरह सत्ता हथियाना था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed