कैप्टन यादव के इस्तीफे से पलटने के पीछे का सच
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हरियाणा कांग्रेस के दिग्गज आजकल केंद्रीय नेताओं के यहां हाजिरी लगा रहे हैं। राज्यसभा सदस्य चौधरी बीरेंद्र सिंह जहां पार्टी छोड़ने के लिए तैयार बैठे हैं। वहीं, अन्य नेताओं ने भी विधानसभा चुनाव से पहले गिले-शिकवे करने शुरू कर दिए हैं।
कैप्टन अजय सिंह यादव ने नया मंत्रालय संभालने से पहले सोनिया गांधी के दरबार में हाजिरी लगाई है। वहीं, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री किरण चौधरी की शुक्रवार रात हरियाणा प्रभारी शकील अहमद और आशा कुमारी से मुलाकात हुई है।
चुनाव से पहले गिले-शिकवे करने में जुटे नेता
कैप्टन अजय यादव ने शनिवार को सुबह कांग्र्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने सोनिया गांधी के सामने अपने गिले-शिकवे रखे।
सोनिया ने उनकी सभी बातों पर गौर करके कहा कि मुख्यमंत्री आपका इस्तीफा रिजेक्ट कर चुके हैं, इसलिए आपको जाकर काम संभालना चाहिए।
कैप्टन को सोनिया गांधी ने सरकार और संगठन में उनके मान-सम्मान का पूरा भरोसा दिलाया है। सोनिया गांधी से हौसला मिलने के बाद वे गुड़गांव पहुंचे और सिंचाई मंत्री के तौर पर अपनी सरकारी गाड़ी मंगवा ली। इसके बाद में कार्यकर्ताओं से मिलने रेवाड़ी निकल गए।
बीरेंद्र सिंह को पार्टी से निकालने की तैयारी
उधर, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री किरण चौधरी ने शुक्रवार रात प्रदेश प्रभारी डॉ. शकील अहमद और सह प्रभारी आशा कुमारी से मुलाकात की है।
आशा कुमारी से यह मुलाकात विधानसभा चुनाव की तैयारी से जुड़ी थी। इस दौरान किरण चौधरी ने भी कुछ गिले-शिकवे रखे, जिन्हें दूर किया गया है।
कांग्रेस नेता बीरेंद्र सिंह को पार्टी निकालने के लिए तैयार बैठी है। भाजपा में शामिल होने की सूचनाओं पर कांग्र्रेस ने बीरेंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बीरेंद्र सोमवार को इसका जवाब दे देंगे। बीरेंद्र के पार्टी छोड़ने से भले ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का एक विरोधी कम हो गया है, लेकिन असल तस्वीर चुनाव के समय सामने आएगी।