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पीयू ने उर्दू को विदेशी भाषा में किया शामिल तो सीएम अमरिंदर बोले-यह भारतीय भाषा, इस पर ध्यान दें

Mon, 30 Sep 2019 02:55 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 30 Sep 2019 02:55 PM IST
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Capt Amarinder Singh said Urdu is an Indian language
कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

पीयू की ओर से विभागों का आपस में मर्ज किया जा रहा है। इसी कड़ी में स्कूल ऑफ फॉरेन में सभी विदेशी भाषाओं के कोर्स को जोड़ा गया है। इसमें उर्दू भी शामिल कर दी गई। इसको लेकर काफी बहस छिड़ी हुई है। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट के जरिये आइना दिखाया है। 

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कहा है कि उर्दू इंडियन भाषा है, इसमें वीसी व सीनेटर सुधार करें। वहीं पीयू ने सफाई दी है कि विभाग का नाम उर्दू एंड परशियन है। परशियन विदेशी भाषा है, इसलिए पूरे विभाग को इसमें शामिल किया गया है। गलत नहीं है, फिर भी इस पर बैठक कर मंथन किया जाएगा। 
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मालूम हो कि पीयू में सभी विभागों को मर्ज करने के लिए योजना बन रही है। भाषा से जुड़े विभागों के लिए दो स्कूल बनाए गए हैं। इसमें स्कूल ऑफ फॉरेन है, जिसमें सभी विदेशी भाषाओं के कोर्स को शामिल कर दिया गया। इसमें उर्दू एंड परशियन विभाग को भी शामिल कर दिया गया। जानकारों का कहना है कि उर्दू को अलग करके स्कूल ऑफ लैंग्वेज में हिंदी, पंजाबी के साथ जगह दी जानी चाहिए थी और परशियन को उसी में रखा जाता।

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यह बात सार्वजनिक हुई और पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को पता लगी तो उन्होंने इस पर ट्वीट किया और कहा, मुझे आश्चर्य हो रहा है कि उर्दू विभाग को स्कूल ऑफ फॉरेन लैंग्वेज में शामिल किया गया है। उर्दू इंडियन भाषा है और काफी समृद्ध है, इसलिए वाइस चांसलर व सीनेटर इस पर डिस्कश करके सही करें। 

पीयू का निर्णय ठीक, कुछ लोग कर रहे हैं राजनीति
कुछ शिक्षकों ने कहा है कि नैक व पीयू की ओर से पहले भी कहा गया है कि छोटे-छोटे विभागों को अगर अलग किया जाता है तो उसमें खर्च अधिक आ रहा है। पीयू पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। ऐसे में उर्दू एंड परशियन विभाग को एक साथ कर दिया जाएगा तो कोई दिक्कत नहीं होगी। विभाग का नाम है, न कि उस विभाग में अकेले उर्दू है। 

कुछ शिक्षकों ने कहा है कि उर्दू को अलग विभाग करवाने के लिए साजिश व राजनीतिक की जा रही है। इसलिए इस पर ध्यान दिया जाए और जो पीयू ने प्रस्ताव तैयार किया है वह ठीक है। शिक्षकों ने पीयू प्रशासन को लिखे पत्र में यह भी कहा है कि जरूरत पड़े तो उन्हें भी सोमवार को होने जा रही बैठक में बुलाया जाए। 

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