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कैंसर मरीजों का रोडवेज बसों में नहीं लगेगा किराया
अमर उजाला, पंचकूला (दीपक शाही)
Updated Sun, 29 Dec 2013 12:23 AM IST
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नए साल में प्रदेश के कैंसर पीड़ितों को इलाज के लिए हरियाणा रोडवेज की बसों में फ्री यात्रा की सुविधा दी जाएगी। राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2013-2014 में इस प्रोजेक्ट के लिए पांच करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रोजेक्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में करार हो चुका है।
प्रोजेक्ट फाइनल स्टेज पर है। स्वास्थ्य विभाग ने फाइनल नोटिफिकेशन के लिए प्रोजेक्ट की फाइल ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के पास भेजी हुई है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग कैंसर पीड़ितों को बस यात्रा के लिए एक आई कार्ड जारी करेगा।
इस पर काउंटर साइन जीएम रोडवेज के होंगे। राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जन को इस संबंध में गाइड लाइन दे दी हैं। मरीजों के बीमारी से संबंधित रिकार्ड सिविल सर्जन कार्यालय में रिकार्ड होंगे।
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हर शुक्रवार को बनेंगे कार्ड
हर जिले के सिविल सर्जन कार्यालय में हर शुक्रवार को मरीजों के आई कार्ड बनाए जाएंगे। कार्ड के लिए मरीज को सिविल सर्जन के नाम एक आवेदन करना होगा।
प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में कैंसर का उपचार करवा रहे मरीजों को संबंधित अस्पताल से जारी ट्रीटमेंट कार्ड दिखाने पर यह आइकार्ड जारी किया जाएगा।
आवेदक को दो पासपोर्ट या स्टांप साइज फोटोग्राफ, राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड या रेजिडेंस प्रूफ में से किसी एक को साथ लेकर जाना होगा।
एक साल के बाद रिन्यू कराना होगा कार्ड
मरीजों को आई कार्ड एक साल के लिए जारी किया जाएगा। साल समाप्ति के बाद अगले साल मार्च 31 को इसे रिन्यू किया जाएगा। सभी मरीजों का अपना एक आई कार्ड नंबर होगा। उस नंबर का दूसरा कार्ड दूसरे मरीज को जारी नहीं किया जाएगा।
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प्रोजेक्ट फाइनल स्टेज पर है। स्वास्थ्य विभाग ने फाइनल नोटिफिकेशन के लिए प्रोजेक्ट की फाइल ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के पास भेजी हुई है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग कैंसर पीड़ितों को बस यात्रा के लिए एक आई कार्ड जारी करेगा।
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इस पर काउंटर साइन जीएम रोडवेज के होंगे। राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जन को इस संबंध में गाइड लाइन दे दी हैं। मरीजों के बीमारी से संबंधित रिकार्ड सिविल सर्जन कार्यालय में रिकार्ड होंगे।
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हर शुक्रवार को बनेंगे कार्ड
हर जिले के सिविल सर्जन कार्यालय में हर शुक्रवार को मरीजों के आई कार्ड बनाए जाएंगे। कार्ड के लिए मरीज को सिविल सर्जन के नाम एक आवेदन करना होगा।
प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में कैंसर का उपचार करवा रहे मरीजों को संबंधित अस्पताल से जारी ट्रीटमेंट कार्ड दिखाने पर यह आइकार्ड जारी किया जाएगा।
आवेदक को दो पासपोर्ट या स्टांप साइज फोटोग्राफ, राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड या रेजिडेंस प्रूफ में से किसी एक को साथ लेकर जाना होगा।
एक साल के बाद रिन्यू कराना होगा कार्ड
मरीजों को आई कार्ड एक साल के लिए जारी किया जाएगा। साल समाप्ति के बाद अगले साल मार्च 31 को इसे रिन्यू किया जाएगा। सभी मरीजों का अपना एक आई कार्ड नंबर होगा। उस नंबर का दूसरा कार्ड दूसरे मरीज को जारी नहीं किया जाएगा।