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63 दवाओं के रेट में हुई 50 प्रतिशत तक कमी
आशीष वर्मा
Updated Thu, 05 Dec 2013 02:41 PM IST
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केंद्र सरकार ने 63 और दवाओं के अधिकतम मूल्य को नियंत्रित कर लिया है। इससे जरूरी दवाओं के रेट में 10 से 50 फीसदी का अंतर आ गया है। इनमें एंटीबायोटिक, जीवन रक्षक, कैंसर व वायरल की दवाएं शामिल हैं।
इसी साल जून में केंद्र सरकार की ओर से 348 दवाओं के मूल्य नियंत्रित करने के लिए अधिसूचना जारी हुई थी। नवंबर में फिर से 63 दवाओं के लिए नोटीफिकेशन जारी कर दिया गया।
इसके बाद एक दिसंबर को ‘दी नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए)’ ने नए रेटों की लिस्ट जारी की। इनमें कई ऐसे साल्ट हैं जिनके दामों में 66 फीसदी कटौती की गई है।
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नेशनल लिस्ट आफ एसेंशियल मेडिसिन (एनएलईएम) की कमेटी ने केंद्र सरकार से दवाओं के रेट कम करने की सिफारिश की थी। उसके बाद यह निर्णय लिया गया है।
कुल मिलाकर अब 411 दवाओं के रेट सरकार के नियंत्रण में आ चुके हैं। थोक विक्रेताओं के पास दवाओं के संशोधित रेट पहुंच चुके हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में लोगों को सस्ती दवाएं मिलने लगेंगी।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के दवा विक्रेताओं ने इसकी पुष्टि की है कि सभी 348 दवाओं की संशोधित लिस्ट बाजारों में पहुंच चुकी थी। अब इन 63 दवाओं के संशोधित रेट एक दिसंबर को पहुंचे हैं।
सरकार ने तय किए 18 दवाओं के दाम
नई दिल्ली (ब्यूरो)। राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने ग्लिसरीन, पैरासिटामॉल और फोलिक एसिड समेत 18 दवाओं के दाम तय कर दिए हैं। सरकार ने दवा निर्माताओं से तत्काल कीमतों में फेरबदल को कहा। दवा की कीमतों में लोकल टैक्स शामिल नहीं हैं।
ग्लिसरीन1 एमएल का दाम 30 पैसा, पैरासिटामॉल 150 एमजी इंजेक्शन की कीमत 3.43 रुपये, पैरासिटामॉल 80एमजी 10 टेबलेट का दाम 7 रुपये, पैरासिटामॉल 180 एमजी 10 टैबलेट का दाम लगभग 8 रुपये, फॉलिक एसिड 5 एमजी के 10 टैबलेट का दाम 1.37 रुपये और इफोस्फेमिड इंजेक्शन के 1 ग्राम के 2 पैक की कीमत 345 रुपये तय की है।
सरकार ने यह भी कहा है कि दवा कंपनियों के लिए नए फार्मूलेशन के आधार पर उत्पादन से पहले मंजूरी लेना जरूरी होगा। सरकार ने कहा कि तय कीमत से ज्यादा वसूलने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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इसी साल जून में केंद्र सरकार की ओर से 348 दवाओं के मूल्य नियंत्रित करने के लिए अधिसूचना जारी हुई थी। नवंबर में फिर से 63 दवाओं के लिए नोटीफिकेशन जारी कर दिया गया।
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इसके बाद एक दिसंबर को ‘दी नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए)’ ने नए रेटों की लिस्ट जारी की। इनमें कई ऐसे साल्ट हैं जिनके दामों में 66 फीसदी कटौती की गई है।
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नेशनल लिस्ट आफ एसेंशियल मेडिसिन (एनएलईएम) की कमेटी ने केंद्र सरकार से दवाओं के रेट कम करने की सिफारिश की थी। उसके बाद यह निर्णय लिया गया है।
कुल मिलाकर अब 411 दवाओं के रेट सरकार के नियंत्रण में आ चुके हैं। थोक विक्रेताओं के पास दवाओं के संशोधित रेट पहुंच चुके हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में लोगों को सस्ती दवाएं मिलने लगेंगी।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के दवा विक्रेताओं ने इसकी पुष्टि की है कि सभी 348 दवाओं की संशोधित लिस्ट बाजारों में पहुंच चुकी थी। अब इन 63 दवाओं के संशोधित रेट एक दिसंबर को पहुंचे हैं।
सरकार ने तय किए 18 दवाओं के दाम
नई दिल्ली (ब्यूरो)। राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने ग्लिसरीन, पैरासिटामॉल और फोलिक एसिड समेत 18 दवाओं के दाम तय कर दिए हैं। सरकार ने दवा निर्माताओं से तत्काल कीमतों में फेरबदल को कहा। दवा की कीमतों में लोकल टैक्स शामिल नहीं हैं।
ग्लिसरीन1 एमएल का दाम 30 पैसा, पैरासिटामॉल 150 एमजी इंजेक्शन की कीमत 3.43 रुपये, पैरासिटामॉल 80एमजी 10 टेबलेट का दाम 7 रुपये, पैरासिटामॉल 180 एमजी 10 टैबलेट का दाम लगभग 8 रुपये, फॉलिक एसिड 5 एमजी के 10 टैबलेट का दाम 1.37 रुपये और इफोस्फेमिड इंजेक्शन के 1 ग्राम के 2 पैक की कीमत 345 रुपये तय की है।
सरकार ने यह भी कहा है कि दवा कंपनियों के लिए नए फार्मूलेशन के आधार पर उत्पादन से पहले मंजूरी लेना जरूरी होगा। सरकार ने कहा कि तय कीमत से ज्यादा वसूलने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा।