फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   campus, education, medical course, ultrasonologist, ultrasound course, rohtak, haryana

EXCLUSIVE: काबिलियत सिद्ध करें फिर कर सकेंगे अल्ट्रासाउंड

Fri, 08 Apr 2016 05:13 PM IST
संजय कुमार/अमर उजाला, रोहतक
संजय कुमार/अमर उजाला, रोहतक Updated Fri, 08 Apr 2016 05:13 PM IST
विज्ञापन
campus, education, medical course, ultrasonologist, ultrasound course, rohtak, haryana
केंद्र सरकार ने मैदान में चोटिल खिलाड़ियों को मौके पर ही मरहम पट्टी देने के आदेश जारी किए हैं।
छह माह का अल्ट्रासाउंड कोर्स करने वाले अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट को अब अपनी काबलियत की परीक्षा देनी होगी। यदि वे परीक्षा में पास नहीं हुए तो उन्हें यह कोर्स दोबारा करना होगा। बिना परीक्षा पास किये वह अल्ट्रासाउंड नहीं कर पाएंगे। इस वजह से सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की जांच कर रहे डॉक्टरों को शायद खास फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन निजी जांच केंद्र संचालकों के लिए मुश्किल हो सकती है।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड करने के लिए बनाए गए सिक्स मंथ ट्रेनिंग प्रोग्राम कोर्स के लिए नियमावली लागू कर दी है। इसके तहत अब तक छह माह का अल्ट्रासाउंड कोर्स करने वाले सभी डॉक्टरों को लिखित और प्रेक्टिकल की परीक्षा देनी अनिवार्य कर दी गई है। इस परीक्षा में फेल होने वाले डॉक्टर को कोर्स की मान्यता नहीं मिलेगी।
विज्ञापन


इस नियम की सबसे अधिक मार निजी अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट पर पड़ने वाली है, क्योंकि उनका सारा सेटअप परीक्षा पास किए बिना बेकार हो जाएगा। वहीं, सरकारी डॉक्टरों को यह परीक्षा पास किये बिना अल्ट्रासाउंड जांच करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि वह अपनी मेडिकल आफिसर की ड्यूटी कर सकेंगे।  
विज्ञापन
विज्ञापन

 

रेडियोलॉजिस्ट की काफी कमी

campus, education, medical course, ultrasonologist, ultrasound course, rohtak, haryana
मुख्यातिथि स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने इन डॉक्टरों को सम्मानित किया।
सूबे में रेडियोलॉजिस्ट की काफी कमी है। इसके चलते मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। नियम के तहत ऐसी जांच के लिए एमबीबीएस डॉक्टर को दो साल का डिप्लोमा कोर्स या तीन साल की रेडियोलॉजिस्ट की डिग्री करनी होती है। इस डिग्री के मिलने पर ही वे रेडियोलाजी से जुड़ी सभी जांच करने के लिए मान्य होते हैं।

यह डिप्लोमा अथवा डिग्री लेने में दो से तीन साल का वक्त लग जाता है। इस वजह से रेडियोलॉजिस्ट की कमी बनी रहती है। यही वजह थी कि सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए छह माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किया था।

इसके बाद एमबीबीएस डॉक्टर को अल्ट्रासाउंड जांच करने की अनुमति मिल गई थी। लेकिन अब छह माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम हासिल करने वालों को परीक्षा पास करनी होगी तभी वह अल्ट्रासाउंड कर पाएंगे। 

2017 के बाद परीक्षा पास करने वाले ही करेंगे जांच

campus, education, medical course, ultrasonologist, ultrasound course, rohtak, haryana
अध्ययन बताते हैं कि इंजेक्शन सबसे पसंदीदा गर्भ निरोधकों में से है।
नियमानुसार साल 2017 तक छह माह का प्रशिक्षण कोर्स कर चुके सभी अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट को परीक्षा पास करनी जरूरी होगी। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) के रेडियोलोजी विभाग और दिल्ली में यह कोर्स कराए गए थे। अनुमान है कि इस परीक्षा को पास करने की अनिवार्यता लागू होने से प्रदेश के तकरीबन 500 अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट पर इसका असर पडे़गा। 

काबिल ही करेंगे जांच
नया नियम अयोग्य अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट को बाहर का रास्ता दिखाएगा। इससे काबिल डॉक्टर ही मरीजों की जांच कर सकेंगे। इसके बाद उपचार की क्वालिटी बढ़ेगी। दूसरे पहलू को देखें तो यदि इस परीक्षा में कई अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट फेल होते हैं तो हर शहर में अल्ट्रासाउंड की जांच पर खतरे के बादल मंडरा सकते हैं।

बोले अधिकारी
अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट के लिए परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। इसके बिना छह माह का प्रशिक्षण कोर्स करने वाला अल्ट्रासाउंड की जांच नहीं कर सकेगा। परीक्षा पास करने की अनिवार्यता से जांच की क्वालिटी बेहतर होगी। आगे भी जो यह कोर्स करेगा, उसके लिए परीक्षा पास करनी अनिवार्य होगी।
- डॉ. रोहताश यादव, विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी, पीजीआईएमएस

परीक्षा का ब्योरा

campus, education, medical course, ultrasonologist, ultrasound course, rohtak, haryana
बोर्ड कॉपियों की जांच - फोटो : demo pic
प्रेक्टिकल में पास होने के लिए अनिवार्य 60 अंक 
थ्योरी में पास होने के लिए अनिवार्य 50 अंक     

थ्योरी का पेपर  :  100 अंक और समय दो घंटे
50 मल्टीपल च्वाइस के प्रश्न : 50 अंक 
10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न, पांच अंक : 50 अंक

प्रेक्टिकल पेपर
20 अंक लॉग बुक
50 अंक डेमोस्ट्रेशन
30 अंक वायवा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed