फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   came out of depression while taking care of plants

पौधों की देखभाल करते हुए डिप्रेशन से बाहर आया

Tue, 20 Jul 2021 02:45 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 02:45 AM IST
विज्ञापन
came out of depression while taking care of plants
चंडीगढ़। बागवानी के प्रति अगर आपमें ललक है तो इसे कैसे भी कर सकते हैं। यह जज्जा दिखाया है सेक्टर- 44 के रहने वाले जोगिंदर सिंह (70) ने। जहां कभी लोग कूड़ा फेंकते थे, उस जगह को संवार कर जोगिंदर सिंह ने आज शानदार बगीचा बना दिया है। जोगिंदर सिंह वर्ष 2013 में सेक्रेड हार्ट स्कूल सेक्टर- 26 से गणित विभाग के हैड ऑफ डिपार्टमेंट रिटायर हुए। इस कार्य के पीछे उनकी कहानी भी छुपी हुई है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट होने के बाद वे बीमार हो गए। इसके बाद काफी तनाव में आ गए थे। उन्होंने इस तनाव से बाहर निकलने की ठानी और पौधे लगाने और उनकी देखभाल करनी शुरू की। इसके बाद धीरे-धीरे उनकी तबियत में सुधार होने लगा। आज वे पूरी तरह से तनावमुक्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद बागवानी की ललक बढ़ती गई। उन्होंने अपने घर के पीछे सड़क से लगती जमीन को बगीचे में तबदील कर दिया। आज इस बगीचे में हर सीजन में बेहतरीन फूल लगते हैं। यहां केले के पौधे भी लहलहराते रहे हैं।
विज्ञापन

जोगिंदर सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2013 में सेक्रेड हार्ट स्कूल सेक्टर- 26 से गणित विभाग के हैड ऑफ डिपार्टमेंट रिटायर हुए। इसके बाद कुछ शारीरिक बीमारी से ग्रस्त हो गए और काफी डिप्रेशन में चले गए। सारा दिन घर पर बैठे रहने के बाद एक दिन उन्होंने अपने घर के पीछे जगह पर फूलों के कुछ पौधे लगाए। इनमें जब फूल खिलने लगे तो उनकी सुंदरता को देखते हुए इनके चेहरे पर भी खुशी आने लगी। यहीं से जोगिंदर सिंह में बदलाव आया और उन्होंने सड़क के किनारे बगीचा बनाना शुरू कर दिया। इस बगीचे की देखभाल करते करते जोगिंदर सिंह का स्वास्थ्य बेहतर होने लगा ओर आज वह पूरी तरह से तनावमुक्त हो गए हैं। रिटायरमेंट के बाद मुझे हर महीने दो हजार रुपये पेंशन मिलती हैं। इस पैसे को गार्डन की देखभाल में लगा देता हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जहां कूड़ा फेंकते थे लोग, आज वहां बनाया बगीचा
जोगिंदर सिंह ने बताया कि जिस जगह बगीचा बनाया, उस जगह पर लोग पहले कूड़ा फेंकते थे और पशु गंदगी फैलाते थे। इस जगह को धीरे-धीरे साफ करना शुरू किया और पौधे लगाने शुरू कर दिए। जब इस गार्डन में हरियाली आनी शुरू हुई तो आस पास रहने वाले लोग भी इस गार्डन की तारीफ करने लगे।

यह पौधे लगे हैं
गार्डन में फलों के भी पौधे लगे हैं। इनमें अनार, अमरूद, पपीता और केला शामिल हैं। मेडिसन पौधों में नीम, गिलोय, अश्वंगधा और इंसुलिन का पौधा शामिल हैं। वहीं मौसम में हर तरह के फू ल लगते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed