जब कैबिनेट मंत्री ने दे डाली अपने मुख्यमंत्री को नसीहत
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लोग उस वक्त एक दूसरे का मुंह देखते रह गए, जब कैबिनेट मंत्री ने अपने ही मुख्यमंत्री को एक बड़ी नसीहत दे डाली। मामला हरियाणा के रेवाड़ी में कोसली शहर में आयोजित समारोह का है। इस राज्य स्तरीय सहकारी दिवस समारोह में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में एक-दूसरे पर खूब तीर चले। यहां तक बातों-बातों में ही नसीहत भी दे दी।
उस नसीहत के जवाब में पलटवार भी हुए और शब्दबाण चले। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुखातिब हो कहा कि, आप पर भजन लाल की तरह घोषणा मुख्यमंत्री का तमगा लगे, यह मैं नहीं चाहता। हम सभी मिलकर काम करेंगे तो यह जनता फिर जिताएगी।
नहीं तो यही जनता डंडे लेकर गांव में घुसने नहीं देगी। उन्होंने संबोधन में पंडाल में मौजूद भीड़ को अपने समर्थक बताने की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि यह लोग पहले दूसरों से उम्मीद कर रहे थे, अब आपसे उम्मीद है। आपने यहां आकर परंपरा को तोड़ा है। सभी को मिलकर काम करना है।
सीएम बोले, वही घोषणा करुंगा जो काम होने होंगे
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी अपना संबोधन राव इंद्रजीत का नाम लेते हुए शुरू किया। उन्होंने कहा कि मैं वही घोषणा करता हूं जो काम होने वाले हैं। मैंने मंत्रीजी को बता भी दिया था कि वहीं घोषणा करूंगा जो काम होने वाले हैं।
नहीं तो बाद में लोग कहेंगे कि 2015 में आए मुख्यमंत्री ने घोषणा की ओर काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि, राव साहब जब बोल रहे थे तब मैं याद कर रहा था कि महेंद्रगढ़ जिले की केवल महेंद्रगढ़ विधानसभा बची है, जहां मैं नहीं गया। रेवाड़ी के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में जा चुका हैं। सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में जाऊंगा। सभी को मिलकर काम करना है।
कहा, जब किसी लड़की की शादी का कार्ड मिलता है तो हम कन्यादान करते हैं, लेकिन इसके पीछे सोच यह है कि उस परिवार की कुछ मदद हो जाए। इसका मतलब यही है कि सभी को सहयोग करना है।
शिक्षा मंत्री शर्मा के नहले पर राव का दहला
शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह की ओर मुखातिब हो कहा कि राव साहब केंद्र में बैठे हैं। क्षेत्र में एक भर्ती सेंटर जरूर होना चाहिए। क्योंकि कोसली में ऐसी कोई मां नहीं जिसने कर्नल पैदा नहीं किया। इसके जवाब में अपने संबोधन के दौरान राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मैं छोटा मंत्री हूं।
बड़ा होता तो भी यह नहीं हो सकता। पास में ही चरखी दादरी में भर्ती केंद्र है लेकिन आपके हाथ में जो है वह तो कर दो। 10 सालों में जो टीचर लगे वह एक ही क्षेत्र के थे। क्या वही पढ़े लिखे थे। उनकी 10वीं की मार्कशीट की जांच करा लो, रोहतक या सोनीपत के मिलेंगे। आप तो हमारे कहने से ट्रांसफर ही कर दिया करो।
हुड्डा पर निशाना, दर्द भी निकला
केंद्रीय रक्षाराज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधा। साथ ही उनका दर्द भी सामने आया। राव ने कहा, 20 साल विधायक रहने के दौरान कोई मुख्यमंत्री यहां नहीं आया। हम कांग्रेस में थे तो लगता था कि हम दुश्मन हैं। भजन लाल 10 साल सीएम रहे, कभी नहीं आए। दस साल हुड्डा रहे।
पहले पांच साल इधर ध्यान नहीं दिया। 2009 में परिसीमन में कोसली जब रोहतक लोकसभा में आई तो चुनाव में पहली बार अपने बेटे के लिए यहां वोट मांगने साथ आए। सैनिक स्कूल भी कहीं ओर खोलने का प्रयास हुआ था लेकिन जब सैनिकों और पूर्व सैनिकों के आंकड़े देखे तो रेवाड़ी की भागीदारी ने यहां स्कूल खोलने पर मजबूर किया।