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निजी नंबरों पर चल रहीं बाइक-कार टैक्सी के खिलाफ कैब चालक लामबंद

Sun, 21 Aug 2022 02:21 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 21 Aug 2022 02:21 AM IST
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Cab drivers rallied against bike-car taxis running on private numbers
चंडीगढ़। एग्रीगेटर कंपनियां शहर में निजी व अस्थायी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को भी कार व बाइक टैक्सी के रूप में चलाने की अनुमति दे रही हैं। इसके खिलाफ कैब चालक लामबंद हो गए हैं। शनिवार को शहर के कई कैब चालक आईएसबीटी-43 के पास एकत्र हुए और फैसला किया कि इस पर रोक लगवाने के लिए वे लोग सोमवार को स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) से मिलेंगे।
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आठ जुलाई को ट्राइसिटी कैब-ऑटो यूनाइटेड फ्रंट ने इस संबंध में एसटीए को शिकायत भी दी थी। उनका कहना है कि इस शिकायत पर एसटीए ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसकी वजह से आज भी धड़ल्ले से गैर कानूनी तरीके से ऐसे वाहन टैक्सी के रूप में चल रहे हैं। यूनाइटेड फ्रंट के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर में ओला-उबर के अलावा अन्य किसी (इन-ड्राइवर, रैपिडो आदि) कंपनी के पास लाइसेंस नहीं है। फिर भी ये कंपनियां बिना किसी रोक-टोक के शहर में टैक्सी सेवा दे रही हैं। ये कंपनियां जनता के लिए खतरा तो हैं ही, टैक्स न देकर सरकार को भी चूना लगा रही हैं।
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उन्होंने कहा कि ईमानदारी से टैक्सी चलाकर अपने परिवार का गुजारा चला रहे हैं, वो बेहद परेशान हैं। अब वो तीन-तीन महीने के इंश्योरेंस व परमिट ले रहे हैं। इस संबंध में 8 जुलाई को एक विस्तृत शिकायत दी थी। एसटीए को हर एक चीज बताई थी और कार्रवाई की मांग की थी। अब करीब डेढ़ महीने का समय बीच चुका है इसलिए वो सोमवार को सुबह 11 बजे एसटीए दफ्तर जाएंगे और अधिकारियों से मिलेंगे। कहा कि उन्हें अगर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो यूनाइटेड फ्रंट सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाएगी।
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बड़ा सवाल : अधिकारियों को भी मालूम, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं
यूनाइटेड फ्रंट ने कहा है कि ओला, उबर व अन्य कंपनियों ने व्यावसायिक गाड़ियों के साथ कई निजी व अस्थायी नंबर वाले वाहनों को भी कैब चलाने की मंजूरी दे रखी है। अधिकारियों को भी यह मालूम है जबकि मोटर व्हीकल एक्ट की धारा- 66 (1) के तहत परमिट उसी वाहन को मिलता है, जिसका व्यावसायिक श्रेणी में आरटीओ में पंजीकृत हो। ऐसे में निजी नंबर के वाहनों का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकता लेकिन फिर भी कंपनियां मनमाने तरीके से इन्हें कैब चलाने की अनुमति दे रही हैं। अगर इन निजी नंबर की कैब बाइक की दुर्घटना हो जाए तो पीड़ित को इंश्योरेंस क्लेम भी नहीं मिलेगा। कहा कि अगर निजी नंबरों पर टैक्सी चलते देखना है तो ट्रिब्यून, हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट, सिंहपुरा चौक (जीरकपुर) में आसानी से देखा जा सकता है।
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