चंडीगढ़: ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी बता पूर्व पार्षद के भाई से मांगी रिश्वत, 50 हजार लेते सीए को सीबीआई ने धरा
शिकायतकर्ता सूरजमुखी शर्मा की चंडीगढ़ सेक्टर-30 में आर्ट एंड डिजाइनिंग की कंपनी है। उनके भाई चंडीगढ़ से दो बार पार्षद रह चुके हैं और पिछले नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं, सूरजमुखी शर्मा भी एक बार निर्दलीय तौर पर पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं।
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सीबीआई ने आम आदमी पार्टी के नेता व चंडीगढ़ के पूर्व पार्षद के भाई से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने शिकायतकर्ता से केनरा बैंक के क्रेडिट लिमिट के ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी की बात कहते हुए उसके पक्ष में रिपोर्ट बनाने के एवज में ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में मामला डेढ़ लाख में तय हुआ था।
आरोपी की पहचान विकास अग्रवाल के तौर पर हुई है। सीबीआई ने विकास की गिरफ्तारी के बाद चंडीगढ़ स्थित उसके घर की तलाशी भी ली। मंगलवार को आरोपी को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, शिकायतकर्ता सूरजमुखी शर्मा की चंडीगढ़ सेक्टर-30 में आर्ट एंड डिजाइनिंग की कंपनी है। उनके भाई चंडीगढ़ से दो बार पार्षद रह चुके हैं और पिछले नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं, सूरजमुखी शर्मा भी एक बार निर्दलीय तौर पर पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं।
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केनरा बैंक से चल रही है क्रेडिट लिमिट
शिकायकर्ता ने सीबीआई को बताया कि बीते काफी सालों से केनरा बैंक से उनकी क्रेडिट लिमिट चल रही है जो 1.75 करोड़ रुपये की है। इस क्रेडिट लिमिट का ऑडिट कराने के लिए हर साल केनरा बैंक की ओर से चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त किया जाता है।
शिकायतकर्ता के आरोप के मुताबिक, आरोपी विकास अग्रवाल बीते दिनों उनकी मौजूदगी में दफ्तर पहुंचा था। जहां आरोपी ने स्टाफ को बताया कि वह चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) है और केनरा बैंक के पैनल में सूचीबद्ध (इंपैनल) है। आरोपी ने शिकायतकर्ता को सूचित करते हुए बताया कि उनकी क्रेडिट लिमिट ठीक नहीं चल रही है और इसमें काफी गड़बड़ी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी क्रेडिट लिमिट को बनाए रखने और गड़बड़ी को छिपाने के एवज में आरोपी सीए ने उनसे ढाई लाख रुपये की रिश्वत की मांग की लेकिन बाद में सीए ने डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत की मांग करते हुए मामले को रफा-दफा करने की बात कही। आरोपी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की 50 हजार रुपये की रकम कैश और एक लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत सीबीआई को दे दी।
शिकायत के आधार पर सीबीआई ने सोमवार देर शाम को सेक्टर-30 में स्थित पीड़ित के दफ्तर के नीचे उस समय ट्रैप लगा दिया, जब आरोपी रिश्वत के तौर पर नकद मिलने वाली 50 हजार रुपये की रकम शिकायतकर्ता से लेने पहुंचा था। सूत्र बताते हैं कि आरोपी सीबीआई की टीम को देखकर रिश्वत की रकम कार में ही छोड़कर मौके से फरार हो गया। इसके बाद सीबीआई की टीम ने सोमवार रात ही आरोपी विकास अग्रवाल को मोहाली से गिरफ्तार कर लिया।