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Chandigarh News: बायजूज ने आईसीएसई की जगह सीबीएसई कोर्स की कराई पढ़ाई, लौटानी होगी फीस
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चंडीगढ़। पढ़ाई के लिए बच्चों को ऑनलाइन कोचिंग देने वाली कंपनी बायजूज को सेवा में लापरवाही बरतने का जिम्मेदार मानते हुए जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कंपनी पर 20 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। वहीं, शिकायतकर्ता के 42 हजार रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। बायजूज के खिलाफ सेक्टर-22 के रहने वाले विकास बंसल ने शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि उनके दो बेटे हैं, जिनमें से एक नौवीं और दूसरा नौवीं कक्षा में पढ़ता है। दोनों इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) एफिलेटेड स्कूल में पढ़ते हैं। 12 नवंबर 2022 को बायजूज की तरफ से शिकायतकर्ता से संपर्क किया गया और बेटों के लिए ऑनलाइन लर्निंग कोर्स खरीदने की बात कही। यह लालच दिया गया कि कोर्स से उनके बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ेगी। शिकायतकर्ता ने एक लाख रुपये का ऋण लेकर कोर्स का विकल्प चुना। शिकायतकर्ता कंपनी के ऑनलाइन लर्निंग कोर्स से संतुष्ट नहीं था, क्योंकि इसमें शिक्षक और छात्र के बीच कोई सीधा संबंध नहीं था।
दो अगस्त 2023 को कंपनी के एजेंट शोहराब अहमद ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और बताया कि उनके दोनों बच्चों को छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत बीटीसी ऐड आन प्रीमियम कोर्स के लिए चुना गया है। इस कोर्स में पढ़ाई ऑफलाइन मोड में होगी। यह कोर्स आईसीएसई निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार होगा। इस कोर्स की कीमत 42 हजार रुपये है। एजेंट के आश्वासन पर शिकायतकर्ता पूरी फीस का भुगतान कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता को पता चला कि उक्त कोर्स आईसीएसई के अनुसार नहीं हैं, बल्कि यह सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार है। इसका उनके बच्चों के लिए कोई उपयोग नहीं है, क्योंकि वे आईसीएसई एफिलेटेड स्कूल में पढ़ रहे हैं। उक्त कोर्स ऑफलाइन भी नहीं था। इस तरह बायजूज कंपनी शिकायतकर्ता को धोखा दिया है।
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शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि उनके दो बेटे हैं, जिनमें से एक नौवीं और दूसरा नौवीं कक्षा में पढ़ता है। दोनों इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) एफिलेटेड स्कूल में पढ़ते हैं। 12 नवंबर 2022 को बायजूज की तरफ से शिकायतकर्ता से संपर्क किया गया और बेटों के लिए ऑनलाइन लर्निंग कोर्स खरीदने की बात कही। यह लालच दिया गया कि कोर्स से उनके बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ेगी। शिकायतकर्ता ने एक लाख रुपये का ऋण लेकर कोर्स का विकल्प चुना। शिकायतकर्ता कंपनी के ऑनलाइन लर्निंग कोर्स से संतुष्ट नहीं था, क्योंकि इसमें शिक्षक और छात्र के बीच कोई सीधा संबंध नहीं था।
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दो अगस्त 2023 को कंपनी के एजेंट शोहराब अहमद ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और बताया कि उनके दोनों बच्चों को छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत बीटीसी ऐड आन प्रीमियम कोर्स के लिए चुना गया है। इस कोर्स में पढ़ाई ऑफलाइन मोड में होगी। यह कोर्स आईसीएसई निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार होगा। इस कोर्स की कीमत 42 हजार रुपये है। एजेंट के आश्वासन पर शिकायतकर्ता पूरी फीस का भुगतान कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता को पता चला कि उक्त कोर्स आईसीएसई के अनुसार नहीं हैं, बल्कि यह सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार है। इसका उनके बच्चों के लिए कोई उपयोग नहीं है, क्योंकि वे आईसीएसई एफिलेटेड स्कूल में पढ़ रहे हैं। उक्त कोर्स ऑफलाइन भी नहीं था। इस तरह बायजूज कंपनी शिकायतकर्ता को धोखा दिया है।
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