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ये सीएम चेहरे जीते तो उपचुनाव होंगे: संगरूर व फिरोजपुर संसदीय सीट होगी खाली, चन्नी को एक विधानसभा सीट छोड़ना पड़ेगा
Fri, 25 Feb 2022 12:27 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 25 Feb 2022 12:27 AM IST
सार
उपचुनाव का नियम यह है कि यदि कोई निर्वाचन क्षेत्र की सीट खाली होती है तो छह माह के भीतर चुनाव आयोग को इस पर उपचुनाव कराना होना अनिवार्य होता है।
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सुखबीर सिंह बादल, चरणजीत सिंह चन्नी और भगवंत मान।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब की 16वीं विधानसभा के लिए 20 फरवरी को हुए मतदान के बाद अब उपचुनाव की आहट सूबे में सुनाई दे रही है। राज्य में दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो सकते हैं। शिअद, कांग्रेस और आप के मुख्यमंत्री चेहरा विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अगर सभी ने जीत दर्ज की तो तीन सीटों पर उपचुनाव होंगे। 10 मार्च को चुनाव के नतीजे आने के बाद चुनाव आयोग छह माह के भीतर इन सीटों पर उपचुनाव की घोषणा करेगा।
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सूबे की इन प्रमुख सीटों में फिरोजपुर से सांसद शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल और संगरूर से सांसद आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भगवंत मान का नाम शामिल है। सुखबीर बादल ने जलालाबाद सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा है। अगर वह चुनाव जीत जाते हैं तो उनकी फिरोजपुर संसदीय सीट में उपचुनाव करवाना होगा।
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वहीं भगवंत मान धूरी से चुनाव मैदान में हैं। इस बार वह पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरा भी हैं। उनके चुनाव में जीतने के बाद संगरूर सीट पर आयोग को उपचुनाव कराना होगा। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में दो विधानसभा सीटों चमकौर साहिब और भदौड़ से चुनाव लड़ रहे हैं। वह इन दोनों सीटों में यदि जीत हासिल करते हैं तो एक सीट पर उपचुनाव होगा।
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क्या है नियम
उपचुनाव का नियम यह है कि यदि कोई निर्वाचन क्षेत्र की सीट खाली होती है तो छह माह के भीतर चुनाव आयोग को इस पर उपचुनाव कराना होना अनिवार्य होता है। सिर्फ विशेष परिस्थितियों में इस नियम में बदलाव या उपचुनाव का समय बढ़ाया जा सकता है।