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पंजाब सरकार की नई पहल: अब सरकारी स्कूलों के छात्र रोजगार मांगने वाले नहीं, देने वाले बनेंगे, खास योजना शुरू
Tue, 01 Nov 2022 10:30 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 01 Nov 2022 10:30 PM IST
सार
योजना को 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए शुरू किया गया है और पहले चरण में नौ जिलों अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर, होशियारपुर, फिरोजपुर, रोपड़ और मोहाली के 31 स्कूलों में इसे शुरू किया जाना है।
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स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस।
- फोटो : फाइल
विस्तार
पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के बिजनेस ब्लास्टर यंग इंटरप्रेन्योर स्कीम का उद्घाटन किया। बैंस ने कहा कि जहां हमें पंजाब के शिक्षा मॉडल को पूरी दुनिया की अपेक्षा बेहतर बनाना है, वहीं हम यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे सरकारी स्कूलों में पढ़े विद्यार्थी 12वीं करने के बाद यह न सोचें कि अब मैं क्या करूं ? उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थी अब रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार प्रदाता बनेंगे।
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छात्रों के इसी सवाल को खत्म करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने बिजनेस ब्लास्टर यंग इंटरप्रेन्योर स्कीम शुरू करने का फैसला लिया है। इस स्कीम को 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए शुरू किया गया है और पहले चरण में नौ जिलों अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर, होशियारपुर, फिरोजपुर, रोपड़ और मोहाली के 31 स्कूलों में इसे शुरू किया जाना है।
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अगले शैक्षिक सत्र से राज्य के सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के अंतर्गत पहले बच्चों से उनकी व्यापारिक प्रस्ताव मांगे जाएंगे और फिर उन व्यापारिक प्रस्तावों को स्थापित उद्योगपतियों के साथ विचारा जाएगा। जो व्यापारिक प्रस्ताव उचित पाया जाएगा उसके लिए आठ विद्यार्थियों का एक ग्रुप बना कर उनको पूरा मार्गदर्शन देते हुए प्रत्येक सदस्य को 2,000 रुपये दिए जाएंगे। विद्यार्थी इस पैसे को अपने व्यापारिक प्रस्ताव को सफल बनाने में लगाएंगे। इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग के महानिदेशक वरिंदर कुमार शर्मा, डीपीआई पंजाब कुलजीतपाल सिंह माही और निदेशक एससीआरटी मनिंदर सिंह सरकारिया और कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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